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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : कलाएँ, चित्रकलाएँ एवं हस्तशिल्प

196 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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1

अलवर चित्रकला शैली में बने हैं

2

चित्रों में चित्रकला का नाम अंकित नहीं, आकृतियों में महीन रेखाओं का प्रयोग और चित्र को रंगीन बनाने हेतु लाल, पीले, श्वेत और हरे रंगों का प्रयोग, ये सभी मुख्य विशेषताएँ हैं

3

जयपुर चित्रकला शैली का स्वर्णकाल माना जाता है

4

डूँगरशाही ओढ़नी संबंधित है

5

ढोला मारु, बिलाबल रागिनी चित्र, सूरसागर व रसिक प्रिया इत्यादि चित्र सम्बन्धित हैं

6

बीकानेर शैली का प्रारंभिक चित्र ‘भागवत पुराण’ चित्रित हुआ था

7

भित्ति चित्रण परम्परा अपने चरमोत्कर्ष पर रही

8

मेवाड़ शैली का सबसे प्राचीनतम चित्रित ग्रंथ जो ताड़पत्र पर रचित एवं चित्रित है

9

राजस्थानी चित्रकला की मूल शैली माना जाता है

10

राजस्थानी चित्रकला में वह पक्षी जो सर्वत्र अंकित है तथा मेवाड़, ढूँढाड़, मारवाड़ और हाड़ौती शैलियों में प्रकृति-चित्रण के अंकन में विशिष्ट छाप रखता है

11

लाल, पीले, हरे व नीले रंगों के साथ-साथ बैंगनी रंग का विशेष प्रयोग मिलता है

12

वस्त्र चित्रण की ‘कलमकारी कला’ का उदाहरण है

13

वह चित्र शैली जिसकी अनुपम विशेषता गायों का मनोरम अंकन है

14

वह चित्रकार जो ‘भैंसों के चितेरे’ के रूप में विख्यात है

15

वह चित्रशैली जिसमें प्रधान रंग ‘हरा’ रहा है

16

वह लोक देवता जिसकी पड़ पर भारतीय डाक विभाग ने डाक टिकट जारी किया है

17

वह शासक जिसके काल में जयपुर शैली पर कंपनी शैली का प्रभाव परिलक्षित होने लगा था

18

वह स्थान जो अपने मृदा शिल्प (टेराकोटा) के लिए प्रसिद्ध है

19

विशुद्ध बीकानेरी शैली का विकास हुआ

20

शेखावाटी के चित्रों में विशेष रूप से प्रयोग में लाये गये हैं

21

‘कावड़’ कला सम्बन्धित है

22

काँगड़ा शैली व ब्रज साहित्य से प्रभावित है

23

कावड़ कला का संबंध है

24

काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध मेवाड़ के बस्सी गाँव में काष्ठकला के जन्मदाता रहे हैं

25

किशनगढ़ चित्र शैली की अनुपम विशेषता है