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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान प्रदेश की प्रमुख बोलियाँ

61 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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1

कवि कुशललाभ के ग्रंथ ‘पिंगल शिरोमणि’ तथा ‘अबुल फजल’ के ‘आइने अकबरी’ में प्रयोग हुआ है

2

प्राचीन साहित्यकार जिसने प्रमुख आर्य भाषाओं में मारवाड़ी भाषा को भी शामिल किया है

3

मारवाड़ी की उपबोली है

4

राजस्थानी भाषा में स्वर हैं

5

हाड़ौती का भाषा के अर्थ में प्रयोग सर्वप्रथम किया गया

6

‘निमाड़ी एवं रागड़ी’ विशेषता है

7

अलवर-भरतपुर क्षेत्र की बोली है

8

कवि सूर्य मल्ल मिश्रण की अधिकांश रचनाएँ हैं

9

क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रथम स्थान है

10

गौड़वानी बोली का क्षेत्र है

11

जोघराज का हम्मीर रासौ महाकाव्य, शंकर राव का भीम विलास काव्य, अलीबख्शी ख्याल आदि की रचना की गई है

12

झालावाड़, कोटा व प्रतापगढ़ में बोली जाती है

13

डूँगरपुर में बोली जाने वाली बोली कहलाती है

14

डूँगरपुर, बाँसवाड़ा में बोली जाने वाली बोली कहलाती है

15

डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र में बोली जाती है

16

दक्षिणी राजस्थानी भाषा को कहा जाता है

17

देवनागरी लिपि पूर्ण रूप से परिपक्व हुई

18

पश्चिमी राजस्थान की प्रधान बोली है

19

पश्चिमी राजस्थानी की प्रतिनिधि बोली है

20

पिंगल शैली प्रचलित रही है

21

पूर्वी राजस्थान के मध्य पूर्व भाग की प्रधान बोली है

22

पूर्वी राजस्थान के मध्य पूर्वी भाग की प्रधान बोली है

23

प्रतापगढ़, अजबगढ़, थानागाजी और बलदेवगढ़ में बोली जाने वाली बोली है

24

भारतीय आर्य वंश से जुड़ी हुई भाषा है

25

भीलों की बोली कहा जाता है