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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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1

अफगानिस्तान के शाह को हराकर गौ-धन की रक्षा करने वाले लोक देवता थे

2

अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में जानी जाती है

3

आउवा के ठाकुर परिवार की कुल देवी हैं

4

कमधण, बालब्रह्मचारी तथा कल्याण नाम से जाना जाता है

5

गोगाजी के ‘थान’ होते हैं

6

गौ-हत्या में लिप्त मिर्जाखान नामक मुगलकालीन पाटन शासक से युद्ध किया था

7

चाकसू में शीतला माता के मंदिर का निर्माण करवाया

8

चारण जाति के लोग देवी के चार सिद्ध पीठ में से उपासक रहे हैं

9

चारण देवी शांति के समय देवी की प्रशंसा में पढ़ा जाने वाला चरजा कहलाता है

10

जयपुर के कछवाहा राजवंश की आराध्य देवी थी

11

ढूँढाड़ के कछवाहा राजवंश की कुल देवी हैं

12

तीर्थयात्रा की सफलता की कामना हेतु राजस्थान में पूजा की जाती है

13

थोरी और भील जाति में अति लोकप्रिय देवता के रूप में पूजे जाते हैं

14

नकटी माता का मंदिर राजस्थान में स्थित है

15

नायक जाति के भोपा लोग गाकर सुनाते हैं

16

पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासन काल में निर्मित हुआ था

17

बदनौर स्थित कुशल माता का मंदिर है

18

बड़ली माता का मंदिर स्थित है

19

भोपा जनजाति की कुलदेवी वीरातरा माता का मन्दिर स्थित है

20

माघ शुक्ला सप्तमी को ‘गधों का मेला’ लगता है

21

मारवाड़ क्षेत्र की जनता की आराध्य देवी हैं

22

राजस्थनी लोकदेवता जिसको कायमखानी मुसलमान अपना पूर्वज समझते हैं

23

राजस्थान के लोक देवता मल्लीनाथा जी से जुड़ा हुआ है

24

राजस्थान के लोकदेवता गोगाजी के आत्मीय पुत्र माने जाते हैं

25

राजस्थानी भाषा में पवाड़ा का अर्थ है