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राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था

राजस्थान में स्थानीय स्वशासन : ग्रामीण एवं शहरी

61 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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1

73वाँ एवं 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम संसद द्वारा पारित किया गया था

2

74वाँ संशोधन के अनुसार नगरीय स्वायत्तशासी संस्थाओं का कार्यकाल होता है

3

ग्राम पंचायत क्षेत्र में पंजीकृत समस्त मतदाताओं की सभा है

4

जिला आयोजना समिति के सदस्यों की कुल संख्या है

5

जिला परिषद् सर्वाधिक शक्तिशाली संस्था है

6

नगरपरिषद् का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होता है

7

पंचायत समिति को अपनी बैठक बुलानी आवश्यक है

8

पंचायती राज का स्वर्ण जयंती समारोह आयोजित हुआ

9

पंचायती राज संस्थाओं के कम्प्यूटराईजेशन की योजना है

10

प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम सेवक एवं सचिव नियुक्त करने की सिफारिश की थी

11

भारत में पहली बार पंचायती राज व्यवस्था को लागू किया गया

12

मतदाताओं का निर्वाचित प्रतिनिधियों को जनमत संग्रह द्वारा वापस बुलाने का अधिकार है

13

राजस्थान का वह नगर जिसमें छावनी बोर्ड है

14

राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, का मुख्य उद्देश्य है

15

राजस्थान में ग्राम पंचायत के उप सरपंच का निर्वाचन किया जाता है

16

राजस्थान में पंचायतों के प्रथम चुनाव सम्पन्न होने का वर्ष है

17

राजस्थान में प्रथम नगर पालिका में स्थापित हुई

18

राजस्थान में सबसे कम पंचायत समितियाँ हैं

19

राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाने का दायित्व है

20

राज्य में प्रत्येक पंचायती राज संस्था का कार्यकाल (प्रथम बैठक की तारीख से) होता है

21

वह संविधान संशोधन अधिनियम जिसके द्वारा पंचायतीराज संस्थाओं को प्रभावी व सशक्त संवैधानिक स्थिति प्रदान की गई

22

संविधान का पंचायत से संबंधित भाग है

23

समिति जिसकी सिफारिश पर देश में पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई, इस समिति के नेतृत्वकर्त्ता थे

24

स्थानीय स्वशासन विषय है

25

‘पंचायती राज संस्थाओं ने देश के राजनीतिकरण, आधुनिकीकरण तथा समाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह की है।’ यह कहा है