← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान का इतिहास

चौहान वंश का इतिहास

211 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 1 / 9
1

अलाउद्दीन खिलजी के रणथम्भौर आक्रमण के समय रणमल एवं रतिपाल सेनानायक के विश्वासघात के कारण पराजय का सामना करना पड़ा

2

प्रथम खिलजी सुल्तान जिसने रणथम्भौर दुर्ग पर आक्रमण किया

3

राजपूतों की अग्निकुण्ड से उत्पत्ति के मत का प्रतिपादन सर्वप्रथम किया था

4

‘उसने मलेच्छों का दमन कर आर्यावर्त को वास्तव में आर्यभूमि बना दिया था’ इतिहासकार डॉ. गोपीनाथ शर्मा ने उक्त कथन प्रयुक्त किया है

5

1308 सिवाना का दुर्गाधिपति था

6

अखैराज देवड़ा प्रथम जिसे ‘‘उडणा अखैराज’’ के नाम से जाना जाता है का सम्बन्ध था

7

अधीनता स्वीकार कर ली थी

8

अलाउद्दीन की पुत्री फिरोजा से प्रेम हो गया था

9

अलाउद्दीन के सेनापति जिसने जालौर दुर्ग पर घेरा डाला

10

अलाउद्दीन खिलजी ने सिवाना दुर्ग पर विजय के पश्चात् दुर्ग सौंपा था

11

अलाउद्दीन ने जालौर का नाम बदलकर रखा

12

अलाउद्दीन ने सिवाना व जालौर का प्रशासक बनाया

13

आबू का परमार राजा जो ‘परमारों का मरुमण्डल महाराज’ कहलाता था

14

आबू के परमार वंश का सबसे प्रतापी शासक था

15

आबू के परमार शासक जिसको महामण्डलेश्वर भी कहा गया है

16

आबू के परमारों का मूल पुरुष माना गया है

17

आबू के परमारों की प्राचीन राजधानी थी

18

कन्नौज के गहड़वाल वंशीय शासक जयचन्द के निमंत्रण पर मुहम्मद गौरी ने आक्रमण किया था

19

कान्हड़देव का वह सैनिक जिसके विश्वासघात के कारण वह अलाउद्दीन से पराजित हो गया था

20

कोटा का नाम बदलकर ‘नन्दग्राम’ कर दिया था

21

कोटा का शासक जिसने ई. में अंग्रेजों से संधि कर ली

22

कोटा के शासक जिसने कृष्णभक्ति के प्रभाव में अपना नाम बदलकर ‘कृष्णदास’ कर दिया था

23

कोटा के शासक शत्रुशाल के समय से उद्भव माना जाता है

24

कोटा के शासक शत्रुशाल हाड़ा (1758-1764 ई.) के समय की सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटना थी

25

कोटा को बूँदी से पृथक करने का श्रेय दिया जाता है