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अकबर की अधीनता स्वीकार कर वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित करने वाला जैसलमेर का पहला शासक था
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अर्द्ध-साका हुआ, क्योंकि इसमें
उत्तर
केसरिया तो हुआ किन्तु जौहर नहीं हुआ
3
जब जैसलमेर का प्रथम साका हुआ उस समय दिल्ली का शासक था
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जैसलमेर की शिल्पकला को अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हुई थी
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जैसलमेर के दूसरे साके के समय वहाँ का शासक था
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जैसलमेर के भाटी अपना संबंध जोड़ते हैं
7
जैसलमेर के राजाओं के राजतिलक का अधिकार प्राप्त था
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जैसलमेर के शासक जिन्होंने उत्कृष्ट कोटि की रचना ‘पिंगल शिरोमणि’ की रचना की थी
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जैसलमेर पर मूलराज प्रथम शासक के समय आक्रमण किया था
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जैसलमेर में ई. में वहाँ के शासक लूणकरण के समय
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जैसलमेर में कर प्रणाली को निश्चित व नियमित करने का श्रेय दिया जाता है
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दिल्ली के शासक जिसके विरुद्ध संघर्ष के दौरान जैसलमेर के भाटी वंश की स्त्रियों ने जौहर किया
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भाटियों की राजधानी के रूप में ‘लोद्रवा’ का चयन किया
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भाटियों ने अपना कुलदेव माना
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भाटी राजपूत शासकों की राजधानियाँ तनोट व लोद्रवा स्थित थी
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राजपूताने की एकमात्र रियासत जहाँ उत्तराधिकारी शुल्क नहीं लिया जाता था
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रावल जवाहरसिंह भाटी के समय वह क्रान्तिकारी जिसको जेल में जिन्दा जला दिया गया था
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वह शासक जिसके समय दिल्ली के फिरोज तुगलक ने जैसलमेर पर आक्रमण किया था
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सागरमल गोपा की मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए गठन किया गया था
उत्तर
गोपाल स्वरूप पाठक कमेटी का
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हराय ने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी
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‘जैसलमेर का गुण्डाराज’ नामक पुस्तक की रचना की थी
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‘तनोट’ को भाटी राजवंश की राजधानी बनाया
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चम्पादे, जो उच्च कोटि की कवयित्री थीं, वह पुत्री थीं
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जैसलमेर के शासक जिसको ‘चूड़ाला’ के नाम से भी जाना जाता है
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जैसलमेर में राज्य के प्रत्येक घर के हिसाब से लिया जाने वाला कर था