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अबली मीणी का महल एवं रावठा महल राज्य के जिस वन्य जीव अभयारण्य की शोभा है, वह है
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आदिवासियों के ‘हरे सोने’ के नाम से जाना जाने वाला वनीय वृक्ष है
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केन्द्र प्रवर्तित ‘मरु वृक्षारोपण कार्यक्रम’ में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की भागीदारी है
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गागरोनी तोते के लिए प्रसिद्ध अभयारण्य है
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घड़ियालों के लिए प्रसिद्ध अभयारण्य है
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राजस्थान का वह अभयारण्य जो बाघ परियोजना के क्षेत्र में नहीं है फिर भी वहाँ बाघ विचरण करते हैं
उत्तर
रामगढ़ विषधारी (बूँदी)
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राजस्थान में अधिकांश वन पाये जाते हैं
उत्तर
दक्षिणी एवं दक्षिण पूर्वी भाग में
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राजस्थान में कुल वन क्षेत्र का लगभग प्रतिशत क्षेत्र पाए
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राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में विस्तृत वन्य जीव अभयारण्य है
उत्तर
राष्ट्रीय चम्बल घड़ियाल अभयारण्य
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राज्य का वह वन्य जीव अभयारण्य जो जंगली मुर्गे के लिए प्रसिद्ध है
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राज्य के रेगिस्तानी क्षेत्र का पौधा ‘मोपेन’ मूलत: है
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राज्य के वे स्थान जहाँ ‘कल्पवृक्ष’ आज भी विद्यमान हैं
उत्तर
मांगलियावास (अजमेर) एवं बाई तालाब (बाँसवाड़ा)
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राज्य पक्षी गोडावण मुख्यत: राष्ट्रीय मरुद्यान क्षेत्र में पाये जाते हैं, इसके अलावा अन्य क्षेत्र जहाँ ये मिलते हैं, वे हैं
उत्तर
सोरसर (बाराँ), सोखलिया (अजमेर), गुजरात
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राज्य में उष्णकटिबंधीय शुष्क (या मिश्रित पतझड़) वन मुख्य रूप से पाये जाते हैं
उत्तर
दक्षिणी अरावली का भू-भाग एवं दक्षिणी पूर्वी अरावली का क्षेत्र
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राज्य में ऑपरेशन खेजड़ी कार्यक्रम शुरू किया गया
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राज्य में ‘राजस्थान वन्य पशु एवं पक्षी संरक्षण अधिनियम 1951’ लागू किया गया
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वह वृक्ष जो रेगिस्तान के प्रसार को रोकने में उपयोगी माना जाता है
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वह वृक्ष जो ‘राजस्थान का गौरव’ कहलाता है
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शुष्क वन अनुसंधान संस्थान स्थित है
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सीतामाता अभयारण्य में पाई जाने वाली उड़न गिलहरी रहती है
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‘रूख भायला’ का आशय है
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अमृता देवी मृग वन स्थित है
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किया गया पंचवटी अभियान सम्बन्धित है
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खेजड़ी पौधे का वैज्ञानिक नाम है
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घास के मैदान या चारागाह का राजस्थान में स्थानीय नाम है