पेज 1 / 9
1
17वीं शताब्दी की रचना ‘राज प्रशस्ति महाकाव्य’ के रचयिता थे
2
केशवदास गाडण दरबारी कवि थे
उत्तर
महाराजा गजराज सिंह के
3
जोधपुर के महाराजा मानसिंह के काव्य गुरु थे
4
जोधराज का हम्मीर रासो महाकाव्य, शंकर राव का भीम विलास काव्य, अलीबख्शी ख्याल आदि की रचना की गई है
5
पार्श्वनाथ चरित्र ग्रन्थ के रचयिता हैं
6
प्रसाद मंडन, रूप मंडन और वास्तुकार मंडन ग्रंथ लिखित है
उत्तर
शिल्प शास्त्री मंडन द्वारा
7
महाराणा कुंभा द्वारा रचित चार नाटकों में कीर्ति स्तम्भ लेख के अनुसार प्रयोग किया गया था
8
रणथम्भौर के चौहान शासकों का वर्णन है
उत्तर
हम्मीर महाकाव्य ग्रन्थ में
9
राजस्थान की सबसे प्राचीन ख्यात है
उत्तर
मुहणोत नैणसी री ख्यात
10
राजस्थान के प्रमुख इतिहासकार डा. दशरथ शर्मा की रचना है
उत्तर
दि अली चौहान डाइनेस्टीज
11
राजस्थानी प्रेमाख्यान पर आधारित कृतियाँ हैं
उत्तर
सेणी वीजानंद, ढोला मारू और जेठवा ऊजली
12
संगीत ग्रन्थ चन्द्र प्रकाश के रचनाकार हैं
13
संगीत ग्रन्थ नाट्यशास्त्र के रचनाकार हैं
14
संगीत ग्रन्थ सूड़ प्रबंध के रचनाकार हैं
15
‘ए हिस्ट्री ऑफ राजस्थान’ के लेखक हैं
16
‘धरती धोरां री’ राजस्थानी कविता के लेखक हैं
17
‘मतीरां रौ भारौ बांधणौ’ से आशय है
उत्तर
मूर्ख समूह को संगठित करने का असफल प्रयास
18
अचलदास खींची री वचनिका, राव जैतसी री छंद और राठौड़ रतन सिंह महेसदासोत री वचनिका ग्रंथ हैं
19
आधुनिक राजस्थानी साहित्य का पहला उपन्यास है
20
कव सूर्यमल्ल मीसण ने अपनी पुस्तक ‘वीर सतसई’ लिखी है
21
कवि दुरसा आढ़ा ने पाँचवाँ वेद और उन्नीसवाँ पुराण कहा है
उत्तर
वेलि कृष्ण रूक्मणि री को
22
कुंभा की पृथ्वीराज रासो के अनुसार राजपूतों की उत्पत्ति हुई
23
गीत गोविन्द की ‘रसिक प्रिया’ नामक टीका रचित कृति है
24
डॉ. एल.पी. टैस्सीटोरी का जन्म हुआ था
25
दुरसा आढ़ा दरबारी कवि थे