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अफगानिस्तान के शाह को हराकर गौ-धन की रक्षा करने वाले लोक देवता थे
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अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में जानी जाती है
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आउवा के ठाकुर परिवार की कुल देवी हैं
4
कमधण, बालब्रह्मचारी तथा कल्याण नाम से जाना जाता है
उत्तर
लोक देवता कल्लाजी को
5
गोगाजी के ‘थान’ होते हैं
उत्तर
खेजड़ी वृक्ष के नीचे
6
गौ-हत्या में लिप्त मिर्जाखान नामक मुगलकालीन पाटन शासक से युद्ध किया था
उत्तर
लोक देवता पाबूजी ने
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चाकसू में शीतला माता के मंदिर का निर्माण करवाया
8
चारण जाति के लोग देवी के चार सिद्ध पीठ में से उपासक रहे हैं
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चारण देवी शांति के समय देवी की प्रशंसा में पढ़ा जाने वाला चरजा कहलाता है
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जयपुर के कछवाहा राजवंश की आराध्य देवी थी
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ढूँढाड़ के कछवाहा राजवंश की कुल देवी हैं
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तीर्थयात्रा की सफलता की कामना हेतु राजस्थान में पूजा की जाती है
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थोरी और भील जाति में अति लोकप्रिय देवता के रूप में पूजे जाते हैं
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नकटी माता का मंदिर राजस्थान में स्थित है
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नायक जाति के भोपा लोग गाकर सुनाते हैं
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पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासन काल में निर्मित हुआ था
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बदनौर स्थित कुशल माता का मंदिर है
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बड़ली माता का मंदिर स्थित है
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भोपा जनजाति की कुलदेवी वीरातरा माता का मन्दिर स्थित है
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माघ शुक्ला सप्तमी को ‘गधों का मेला’ लगता है
उत्तर
ब्राह्मणी माता के मंदिर में
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मारवाड़ क्षेत्र की जनता की आराध्य देवी हैं
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राजस्थनी लोकदेवता जिसको कायमखानी मुसलमान अपना पूर्वज समझते हैं
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राजस्थान के लोक देवता मल्लीनाथा जी से जुड़ा हुआ है
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राजस्थान के लोकदेवता गोगाजी के आत्मीय पुत्र माने जाते हैं
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राजस्थानी भाषा में पवाड़ा का अर्थ है
उत्तर
किसी लोक देवता की प्रशस्ति प्रशंसित लोक गाथाएँ