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राजस्थान का इतिहास

राठौड़ वंश का इतिहास

248 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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226

महाराज गंगासिंह के शासन के मूलमंत्र थे

227

मेवाड़ महाराणा कुम्भा के द्वारा अनेकानेक दुर्गों का निर्माण करवाया गया, ठीक उसी प्रकार मारवाड़ के वह शासक जिसके द्वारा अपने साम्राज्य की रक्षार्थ अनेक किलों का निर्माण करवाया गया था

228

राजपूतों को सूर्यवंशीय मानते हुए उनका संबंध जोड़ा गया

229

राजस्थान की वह रियासत जिस पर राठौड़ शासकों का शासन नहीं था

230

राठौड़ वंश का शासनकाल संबंधित था

231

राठौड़ वंश के राव मालदेव का राज्याभिषेक सम्पन्न हुआ

232

रायसिंह की मृत्यु हुई

233

रायसिंह महोत्सव व बाल बोधिनी पर टीका नामक ग्रन्थों की रचना की थी

234

राव बीका ने भैरव मंदिर का निर्माण करवाया

235

राव लूणकरण के उपरान्त बीकानेर का शासक बना

236

वह क्रांतिकारी जिसके बीकानेर आगमन पर महाराज गंगासिंह ने रोक लगाई

237

वह राठौड़ शासक जिसने जोधपुर राज्य की सीमाओं का सर्वाधिक विस्तार किया था

238

शासन की देखरेख करता रहा

239

साहित्य कल्पदु्रम ग्रन्थ की रचना की थी

240

इतिहासकार सी.वी. वैद्य के अनुसार राजपूतों की उत्पत्ति हुई है

241

कर्नल जेम्स टॉड ने राजपूतों की उत्पत्ति बताई है

242

क्रुक ने राजपूतों को माना है

243

गजसिंह को ‘श्री राजराजेश्वर महाराजाधिराज शिरोमणि श्री गजसिंह’ की उपाधि प्रदान की थी

244

मराठा सरदार जयप्पा सिंधिया की हत्या करवाई

245

मराठा सरदार जयप्पा सिंधिया से पराजित विजयसिंह ने शरण ली

246

वह विद्वान जिसने अपने ग्रन्थ ‘कर्मचन्द वंशोत्कीर्तनकम्-काव्यम्’ में लूणकरण की तुलना दानशीलता में कर्ण से की है

247

‘ब्रोंचगुर्जर’ नामक ताम्रपत्र के आधार पर राजपूतों को यू-ची जाति का वंशज मानते हुए इनका सम्बन्ध कुषाण जाति से जोड़ा है

248

‘राजपूत वैदिक आर्यों की सन्तान है’ इस मत के प्रतिपादक थे