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राजस्थान का इतिहास

गुहिल वंश का इतिहास

345 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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226

इब्राहिम लोदी को हराने के पश्चात् हिन्दुपत की उपाधि धारण की थी

227

कर्नल जेम्स टॉड ने ‘मेवाड़ के इतिहास का मैराथन’ कहा है

228

कर्नल टॉड के अनुसार बापा की मृत्यु हुई

229

कीर्ति स्तम्भ के वास्तुकारों में शामिल नहीं हैं

230

कुम्भलगढ़ का युद्ध हुआ

231

खानवा के युद्ध में महाराणा संग्राम सिंह की सेना में शामिल नहीं था

232

खानवा के युद्ध में वह राजपूत/मुस्लिम योद्धा जिन्होंने बाबर के विरुद्ध महाराणा सांगा के पक्ष में भाग लिया था

233

गिरी दुर्गों का स्वामी होने के कारण राणा कुम्भा ने उपाधि धारण किया

234

चाकसू के गुहिल संबंधित हैं

235

चित्तौड़ विजय के बाद अकबर ने मेवाड़ का गवर्नर बनाया

236

चित्तौड़गढ़ के शासक जिसके शरीर पर घाव थे, तथा एक

237

चूँडा के वंशज कहलाये

238

जब महाराणा प्रताप को समझाने के लिए जून, मेंं दूसरा

239

डॉ. दशरथ शर्मा ने मध्यकालीन मेवाड़ का स्वर्णकाल कहा है

240

दुरसा आढ़ा के अनुसार महाराणा प्रताप की मृत्यु के समाचार पर आंखें नम हो गई थी

241

निकाल दिया था तथा बाद में वह अलाउद्दीन खिलजी की शरण में चला गया

242

फतेहसिंह सिसोदिया जो फत्ता नाम से प्रसिद्ध थे, वे सरदार थे

243

बनास नदी के तट पर हुआ था

244

मचान दुर्ग, भोमट दुर्ग एवं बसंती दुर्ग निर्मित है

245

महाराणा कुम्भा के अराध्यदेव जिनको चित्तौड़गढ़ का विजयस्तम्भ समर्पित है

246

महाराणा कुम्भा ने कुम्भलगढ़ किले का निर्माण कराया था

247

मालवा तथा गुजरात राज्यों के मध्य हुई

248

मेवाड़ का कर्ण तथा उद्धारक कहा जाता है

249

मेवाड़ की वह राजकुमारी जिसको में अमीर खाँ पिण्डारी

250

मेवाड़ के सिसोदियाओं को माना जाता है