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चक्कर खाती हुई तेज चलने वाली हवा है
227
चरखे के नीचे लगी लम्बी लकड़ी को कहते हैं
228
चाँदी का आभूषण जिसे कड़े के साथ धारण करते हैं, को कहते हैं
229
जागीरदार द्वारा कृषि उपज से अपना भाग लेना और ऋण के बदले में अनाज आदि वसूल करना, कहलाता है
230
जैन साधुओं को भिक्षा या भोजन देना कहलाता है
231
तीर्थयात्रा से लौटकर करवाया जाने वाला रात्रि जागरण है
232
दूध दुहने का बर्तन कहलाता है
233
देवताओं की सवारी निकालने का पालकीनुमा वाहन कहलाता है
234
दोहों के बोल में गाया जाने वाला लोकगीत है
235
द्वितीय पत्नी को कहते हैं
236
परम्परागत राजस्थानी पहचान है
237
पीले रंग के बाँस की बनी हुई कई लड़ों वाली कंठी को कहते हैं
238
पूजा या आरती के समय बजाया जाने वाला थालीनुमा वाद्य है
239
बकरी के बालों का दरीनुमा बना मोटा वस्त्र है
240
बैठक, चौपाल और सगाई की एक रस्म है
241
बैलगाड़ी के थाटे के नीचे लगाये जाने वाला एक अवयव है
242
बड़े या विशेष भोज में सर्वप्रथम अलग होकर रखा जाने वाला भोजन का अंश कहलाता है
243
भील स्त्रियों द्वारा पहना जाने वाला अंत:वस्त्र कहलाता है
244
भीलों द्वारा सिर पर पहनी जाने वाली पगड़ी कहलाती है
245
भेड़ या बकरियों को रखने का बाड़ा कहलाता है
246
मरे हुए पशुओं का चमड़ा उतारने के स्थान को कहते हैं
247
माारवाड़ में ‘दामणी’ है
248
मुस्लिम बच्चों के मुण्डन एवं नामकरण संस्कार को कहते हैं
249
मुस्लिम शासन व्यवस्था के उस अधिकारी, जो घोड़ों के चेहरों की पहचान करता था तथा उनके सभी लक्षणों से भली-भांति परिचित था, को कहते थे
250
मृत व्यक्ति के दाह संस्कार के स्थान पर बनाया हुआ भवन या स्मारक कहलाता है