← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 10 / 11
226

राजस्थान में गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर स्थित है

227

राजस्थान में निर्गुणी संत संप्रदायों का आविर्भाव हुआ

228

रामस्नेही संप्रदाय की एक साधना पद्धति जिसमें योग शास्त्र की परिभाषित शब्दावली का प्रयोग किया जाता है

229

रामस्नेही सम्प्रदाय का चौथा रामद्वारा (पीठ) है

230

रामस्नेही सम्प्रदाय की रैण शाखा के प्रवर्तक थे

231

रामस्नेही सम्प्रदाय की रैण शाखा से संबंधित है

232

रामानंदी संप्रदाय के ‘निहंगे साधुओं’ हेतु ‘लश्करी पीठ’ का निर्माण करवाया

233

वह लोक संत जिनकी प्रमुख पीठ कतरियासर (बीकानेर) में है

234

वह लोक संत जिसको पर्यावरण वैज्ञानिक के नाम से भी जाना जाता है

235

वह संत जिसको राजस्थान का कबीर कहा जाता है

236

वह संप्रदाय जो नाथमल एवं संतमल के मध्य की कड़ी माना जाता है

237

विश्नोई सम्प्रदाय से संबंध है

238

संत दरियाव जी की समाधि है

239

संत दादू की जन्म स्थली है

240

संत दादूजी की वाणियों का संग्रह है

241

संत पीपा के स्मारण के रूप में बना ‘पीपावट’ का वृहत मठ स्थित है

242

संत रामदास जी द्वारा रचित ग्रंथ है

243

सगुण भक्ति का प्रचारक संत था

244

सगुण भक्ति धारा से संबंधित नहीं है

245

सन्त दादू की मृत्यु हुई

246

सुंडा माता मंदिर में स्थित भगवान शिव की मूर्ति है

247

‘गौरांग महाप्रभु चैतन्य’ का सम्बन्ध है

248

‘जैन विश्व भारती संस्थान’ स्थित है

249

‘जो पिण्ड में है वही ब्रह्माण्ड में है’ सिद्धान्त का विवेचन किया गया है

250

‘निष्कलंकी’ या ‘निकलंक’ संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है