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शस्त्रों की धार तेज करने का एक चक्राकार उपकरण है
302
सूर्यास्त के पूर्व के भोजन को कहते हैं
303
हथियारों का सान चढ़ाने का पत्थर है
304
हार आभूषण का एक रूप है
305
हिन्दुओंं का ऐसा राजा जो हिन्दू समाज, संस्कृति व धर्म का रक्षक हो, उसे कहते हैं
306
होली के दिनों में हाथा से डंडे बजाते हुए किया जाने वाला नृत्य कहलाता है
307
‘रखन’ आभूषण है
308
अनाज को हवा में उछालकर साफ करने की प्रक्रिया कहलाती है
309
अनावश्यक पानी निकालने की मोरी को कहते हैं
310
अपने यजमानों की पीढ़ियों का वृतान्त लिखने वाले व्यक्ति को कहते हैं
311
आंख की पलकों पर होने वाली फुंसी को कहते हैं
312
कलाई में पहनने वाला आभूषण है
313
कान के ऊपरी हिस्से में छेद करके पहने जाने वाला आभूषण है
314
किसी लोक देवता को कष्ट निवारणार्थ अर्पण की जाने वाली कपड़े की धज्जी कहलाती है
315
कृषि भूमि पर लिया जाने वाला लगान कहलाता है
316
खरीफ की फसल के साथ उत्पन्न होने वाला एक रेंगने वाला कीड़ा, जो फसल को हानि पहुँचाता है, कहलाता है
317
खेत की भूमि को बार-बार जोतकर बीज बोने योग्य बनाने की क्रिया कहलाती है
318
खेत में फसल की सुरक्षार्थ एवं पशु-पक्षियों को डराने के लिए खड़े किये जाने वाले पुतले को कहते हैं
319
गणगौर का एक गीत तथा इस गीत के साथ दीप रखकर घुमाया जाने वाला एक छोटा घड़ा है
320
गले में पहनने वाला आभूषण है
321
चैत्र कृष्णा प्रतिपदा से सप्तकी तक मनाया जाने वाला एक लोक प्रसिद्ध पर्व है
322
ज्वार की फसल का एक रोग है
323
टेवौ से आशय है
324
दो सींगों वाला एक कृषि उपकरण है
325
निंबोली, निगोदर, पचममाणियौ इत्यादि स्त्रियों के आभूषण हैं