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किसान द्वारा भू-स्वामी की स्वीकृति से खलिहान में से लगान चुकाने के पूर्व खाने के लिए ले जाया जाने वाला अनाज कहलाता है
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किसी वीर की कीर्ति को चिरस्थाई रखने का लोकगीत है
353
खंजरी के आकार का एक वाद्य है
354
घोड़ों का एक रोग है
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चाँदी के तारों का पाँव का आभूषण विशेष है
356
चुनाई मेंं दो भागों को जोड़ने के लिए बीच में लगाया जाने वाला पदार्थ है
357
छोटे-छोटे बादलों से होने वाली हल्की-हल्की छाया को कहते हैं
358
जलाशय के आसपास की पड़ती भूमि, जिसके वृक्षादि नहीं काटे जाते हैं, को कहते हैं
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जीरे की फसल का एक रोग है
360
टड्डा है
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तिलक लगाने की एक लाल बुकनी और गेहूँ की फसल का रोग है
362
तीज के पर्व पर लड़की के पिता द्वारा उसके ससुराल भेजी जाने वाली मिठाई है
363
दही बिलौने के बाद जिस पात्र मेंं अलूणा (घी) रखते हैं, उसे कहते हैं
364
दूध अथवा गर्म लेह पदार्थ के ठण्डा होने पर उसके ऊपर जमने वाली मोटी परत है
365
धूल या कीचड़ में लथपथ करना कहलाता है
366
नगजड़ित स्त्रियों की कलाई का चौड़ा पट्टीनुमा आभूषण है
367
नमूने के लिए अनाज के दाने निकालने के काम आता है, उसे कहते हैं
368
पानी आदि तरल पदार्थ की जमीन पर बहने वाली छोटी धार को कहते हैं
369
पानी लाने के लिए गाड़ी पर रखे जल पात्रों का समूह है
370
पुरुषों के कान का आभूषण है
371
बंदूक द्वारा निशाना साधने का अभ्यास कहलाता है
372
बोरला (सिर), टोकली (कान) और खुंगारी (गला) आभूषण संबंधित है
373
भेड़-बकरी व ऊँटोें का पालन तथा व्यवसाय करने वाली एक जाति है
374
मृतक का क्रिया कर्म या मृतक भोजन कहलाता है
375
मोचियों का एक औजार विशेष है