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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजागरण (प्रजामण्डल, किसान एवं जनजातीय आंदोलन)

552 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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426

‘तात’ उपनाम से जाना जाता है

427

‘राजस्थान की पुकार’ के रचयिता थे

428

‘लोकवाणी’ दैनिक के प्रथम सम्पादक थे

429

16 1935 की गई थी

430

1919 आंदोलन के सम्बन्ध में प्रस्ताव रखा गया था

431

23 1912 हार्डिंग्स के जुलूस पर बम फेंका था

432

अजमेर के डोगरा काण्ड में क्रांतिकारी शामिल थे

433

अलवर प्रजामण्डल के संस्थापक थे

434

किया गया

435

किसानों द्वारा जंगली सुअरों को मारे जाने पर राज्य द्वारा प्रतिबंध लगाया जाना मुख्य कारण था

436

गठन किया था, जिसका अध्यक्ष बनाया गया

437

जयनारायण व्यास के सम्पादन में ‘अखण्ड भारत’ नामक समाचार पत्र का प्रकाशन नवम्बर, को प्रारंभ हुआ

438

जयपुर प्रजामण्डल व सरकार के मध्य समझौता हुआ

439

जयपुर में प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान मार्च, को

440

बिजौलिया के किसानों से लागतें वसूली जाती थीं

441

बिजौलिया ठिकाना था

442

बिजौलिया ठिकाने का मूलनाम था

443

बूँदी किसान आंदोलन को जाना जाता है

444

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जिस अधिवेशन में देशी रियासतों के स्वतंत्रता आंदोलन को अपने अंग के रूप में अपनाया, वह था

445

महिला सत्याग्रहियों ने गिरफ्तारियां दीं

446

मेवाड़ में प्रजामंडल के संस्थापक एवं प्रमुख कार्यकर्त्ता श्री माणिक्यलाल वर्मा को ई. में गिरफ्तार कर बन्दी बनाकर

447

मेवाड़ सरकार द्वारा जाँच आयोग का गठन किया गया था

448

राजस्थान का एकमात्र प्रजामंडल जिसे राज्य ने संरक्षण प्रदान किया था

449

राजस्थान का प्रथम क्रांतिकारी माना जाता है

450

राजस्थान सेवा संघ ने अपने समाचार पत्र ‘तरुण राजस्थान’ में सचित्र प्रकाशित किया था