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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजागरण (प्रजामण्डल, किसान एवं जनजातीय आंदोलन)

552 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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451

वह राष्ट्रीय राजनेता जिन्होंने मेवाड़ प्रजामण्डल के नवम्बर,

452

शुद्धि आन्दोलन का सम्बन्ध है

453

सरकार द्वारा मेवाड़ प्रजामण्डल से पाबंदी हटाई गई थी

454

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘किसानों की आवाज’ नामक पत्र का प्रकाशन किया गया था

455

‘गरीबों की आवाज’ नामक पुस्तक लिखी थी

456

‘गीत प्रचार समिति’ का गठन किया गया था

457

‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ नामक गीत के रचयिता हैं

458

‘प्रताप’ नामक समाचार पत्र के प्रकाशक थे

459

‘मरुधर मित्र हितकारिणी सभा’ का पुनर्गठन ‘मारवाड़ हितकारिणी सभा’ के नाम से किया था

460

‘मारवाड़ की अवस्था’ व ‘पोपाबाई का राज’ इन दोनों पुस्तकों में की गई

461

‘मारवाड़ टेनेन्सी एक्ट’ पारित किया गया था

462

‘मेवाड़ का वर्तमान शासन’ नामक पुस्तक के लेखक थे

463

‘रघुनाथसिंह पर मुकदमा’ नामक पुस्तक रचित है

464

11 1922 समझौते के अनुसार माफ कर दिया गया करों को

465

1922 डूँगरपुर प्रजामंडल की स्थापना ई. में की गई थी

466

1925 अध्यक्षता की थी

467

अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की अपील पर भारत की सभी रियासतों के प्रजामंडलों ने ‘रियासती दिवस’ मनाया

468

करौली प्रजामंडल की स्थापना में की गई

469

किये गये भारत छोड़ो आंदोलन में भाग नहीं लिया था

470

कुशलगढ़ प्रजामण्डल के संस्थापक थे

471

कुशलगढ़ में गाँधी आश्रम की स्थापना की गई थी

472

कोटा रियासत में प्रजामण्डल की स्थापना हुई थी

473

जमींदार एसोसिएशन का मुख्यालय बनाया गया था

474

जयपुर प्रजामंडल को जयपुर रियासत द्वारा मान्यता प्रदान की गई थी

475

जयपुर में के भारत छोड़ो आंदोलन का संचालन किया