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बाजरे की कड़ब का लगाया हुआ ऊँचा ढेर है
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बुरी नजर से रक्षा के लिए राजस्थान में चलन है
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मकान की ऊपरी मंजिल पर बना कमरा है
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मकानों पर पट्टी की छत डालने पर कर है
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मांगलिक अवसरों पर गोबर आदि से आँगन लेपन की क्रिया कहलाती है
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मुहम्मद साहब के उपदेशों का संग्रह है
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मृतक के पीछे बारह दिनों तक भूमि पर सोने की एक रस्म है
458
मोटे सूती कपड़े (रेजे) की ओढ़ने की चादर है
459
राजा या दूल्हे की पगड़ी में लगया जाने वाला सामान व विदाई से आशय है
460
वह आभूषण जिसको स्त्रियां उनके सिर पर पहनती हैं
461
वह पक्ष की ओर से मांगलिक अवसरों पर सगाई की हुई लड़की को दिए जाने वाले वस्त्राभूषण कहलाते हैं
462
विवाह के बाद बारात को दिए जाने वाला विशेष भोज है
463
विवाह के बाद लौटते समय किसी बीच स्थान पर बारात को दिया जाने वाला भोजन कहलाता है
464
विवाह के समय वधू के लिए वर पक्ष द्वारा जो आभूषण व कपड़े ले जाये जाते हैं, उन्हें कहते हैं
465
विवाह के समय सिर पर बाँधा जाने वाला सेहरा है
466
विवाहादि मांगलिकक अवसरों पर कुटंबियों व रिश्तेदारों आदि द्वारा दिया जाने वाला द्रव्य/भेंट/उपहार कहलाता है
467
विवाहोपरान्त विदाई पर कन्या को दिये जाने वाले समान, द्रव्य आदि को कहते हैं
468
वृद्ध की मृत्यु पर स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला शोक गीत है
469
शीतकाल में तापने के लिए आग जलाने का पात्र कहलाता है
470
सेवा या नौकरी के बदले दी जाने वाली भूमि या जागीर कहलाती है
471
स्त्रियों का आभूषण और नीम का फल है
472
स्त्रियों की वेणी में गुंथा जाने वाला एक आभूषण है
473
स्त्रियों के गले का आभूषण है
474
स्त्रियों के ललाट का आभूषण है
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स्त्रियों द्वारा किसी के स्वागतार्थ सिर पर रखे जाने वाले दो घड़े हैं