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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान के इतिहास के स्रोत (अभिलेख एवं सिक्के)

207 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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26

शासकों की यशोगाथा के साक्ष्य कहलाते हैं

27

हर्षनाथ मंदिर की प्रशस्ति ई.) प्राप्त की गई है

28

‘कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति’ के रचयिता थे

29

19वीं शताब्दी का प्रथम इतिहासकार जिसने राजस्थान की सामन्तवादी व्यवस्था के बारे में लिखा

30

अभिलेखों के आधार पर राजस्थान में 8वीं सदी के मध्य सर्वोच्च रूप से पूजा की जाती थी

31

अलवर राज्य की टकसाल स्थित थी

32

कर्नल टॉड द्वारा समुद्र में फेंका गया शिलालेख था

33

किसानों से वसूल की जाने वाली विविध लाग-बागों का उल्लेख प्राप्त होता है

34

कृष्णभट्ट द्वारा रचित अभिलेख जिसमें हल्दीघाटी युद्ध का विशुद्ध वर्णन किया गया है

35

गया संस्थान है

36

ग्यारह-सना नामक सिक्के का प्रचलन रहा था

37

घोसुण्डी शिलालेख है

38

जयपुर जिले की बैराठ तहसील के बर्लसर-नौरंगपुरा गांव में फारसी लिपि वाले चांदी के प्राचीन सिक्के मिले हैं

39

जयपुर रियासत से सम्बन्धित सिक्का है

40

जोधपुर जिले के बोरून्दा ग्राम में वर्ष में स्थापित किया

41

डॉ. एल. पी. टैस्सीटोरी संबंधित हैं

42

पद्मनाथ द्वारा ई. में रचित ग्रन्थ जिससे तत्कालीन

43

परमारों के मूल पुरुष की उत्पत्ति अग्निकुंड से होने का उल्लेख है

44

बरनाला लेख (जयपुर) वर्तमान में संग्रहित है

45

बूंदी राज्य के इतिहास लेखन का कार्य किया

46

भाब्रू शिलालेख राजस्थान में जयपुर के निकट बैराठ नामक स्थान में उपलब्ध हुआ है। इस शिलालेख में बौद्ध धर्म के सात ऐसे उदाहरण दिये गये हैं जो अशोक को बहुत प्रिय थे और वह चाहता था कि प्रजा उसको पढ़कर उनके अनुसार आचरण करे। यह शिलालेख सुरक्षित है

47

महाराव रामसिंह (बूंदी) के दरबारी कवि थे

48

मालवगण के नलियासर से मिले हैं

49

राजा मानसिंह अपने पिता भगवानदास का दत्तक पुत्र था, इसकी जानकारी मिलती है

50

रूपायन संस्थान जोधपुर का मुख्य कार्य है