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वह पात्र जो वृक्ष आदि में पक्षियों के पानी पीने के लिए टांगा जाता है, उसे कहते हैं
27
विवाह के आरंभ में मूँग की बड़ी बनाकर वैवाहिक कार्य प्रारंभ करने की एक मांगलिक विधि कहलाती है
28
विवाह मंडप में अग्नि परिक्रमा के पश्चात् कन्या को पहनाई जाने वाली पोशाक कहलाती है
29
साफ किए अन्न की खलिहानन में पड़ी ढेरी को कहते हैं
30
सूर्य पूजा के दिन प्रसूता के लिए बनाया जाने वाला विभिन्न सब्जियों का मिश्रण कहलाता है
31
स्त्रियों की ओढ़नी के रूप में प्रयुक्त वस्त्र हैं
32
स्वर्णकारों का विशेष औजार है
33
आदिवासी पुरुषों द्वारा पहने जाने वाली तंग धोती कहलाती है
34
कंधे पर सामान लादकर बेचने वाला व्यापारी है
35
कन्या की विदाई के समय दिया जाने वाला सामान, दहेज या गौना से आशय है
36
कन्या के विवाह के दिन पाणिग्रहण संस्कार सम्पन्न होने तक रखा जाने वाला व्रत कहलाता है
37
कांगसियौ, कलाळी, कामण, कूकड़लौ आदि हैं
38
किरकांट, कचकुचमींगणी और कुचियादड़ी हैं
39
किसी को गुरु या इष्ट मानकर चढ़ाये जाने वाला प्रसाद कहलाता है
40
कृषि भूमि का माप करने की चेन है
41
खपरैल की छाजन को थामे रहने वाली लकड़ी है
42
खलिहान में अनाज के ढेर में खड़ा किया जाने वाला लकड़ी का लट्ठा है
43
गाय/भैंस के प्रसव के बाद पहली बार निकाला जाने वाला दूध है
44
गेहूँ के पौधों के साथ उत्पन्न होने वाली एक प्रकार की घास है
45
घास या चारे का चुना हुआ गोल ढ़ेर और कड़वी के पुआलों का ‘पचासा’ से आशय है
46
जागीरदार द्वारा अपनी जागीर में दौरा करने के निमित्त किसानों से लिया जाने वाला कर कहलाता है
47
जुताई के बाद भूमि को समतल करने के लिए फेरा जाने वाला मोटा पाट कहलाता है
48
जोतने में छोड़ा जाने वाला खेत का कुछ भाग है
49
ताँबे या पीतल का एक बड़ा जलपात्र से आशय है
50
दहेज में दिया जाने वाला प्राणी या दास-दासी कहलाते हैं