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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : कलाएँ, चित्रकलाएँ एवं हस्तशिल्प

196 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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किशनगढ़ चित्रकला शैली का चहुँमुखी विकास हुआ

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कोटा चित्र शैली का स्वतंत्र अस्तित्व स्थापित किया

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कोटा चित्र शैली को प्रदर्शित करती है

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कोटा चित्रकला शैली में सर्वाधिक चित्रण हुआ

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चित्रकला का प्रतिनिधित्व करते हैं

31

चित्रकारी की वह शैली जिस पर लोक-जीवन के चित्रण का विशेष प्रभाव था, जो आज भी पड़ चित्रण के रूप में जीवन्त है

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चित्रित है

33

चीनी मिट्टी के बर्तनों पर रंगीन और आकर्षक चित्रकारी को कहते हैं

34

छातों के लिए प्रसिद्ध है

35

जयपुर ब्ल्यू पॉटरी के लिए प्रसिद्ध है। यह चित्रकारी की जाती है

36

तिलकायत की गावेर्धनजी के समय अपने चरमोत्कर्ष पर थी

37

देवनारायणजी की पड़ के वाचक हैं

38

देवनारायणजी की पड़ बाँची जाती है

39

नागरीदासजी (सावंत सिंह जी) की प्रमिका थी

40

नामक कला विद्यालय स्थापित किया था

41

पाबूजी की पड़ के वाचक हैं

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पाबूजी की पड़ में पाबूजी की घोड़ी ‘केसर कालमी’ को चित्रित किया जाता है

43

प्रकृति के विस्तृत प्रांगण को चित्रित करने का श्रेय है

44

प्रसिद्ध चितेरे नसीरुद्दीन ने ‘रामलला’ का चित्रण किया

45

प्रसिद्ध ‘गीत गोविन्द’ चित्र है

46

प्राकृतिक रंगों जैसे हिरमच, गैंरू, कालूस, सफेदा पेवड़ी आदि का प्रयोग बहुलता से हुआ है

47

बीकानेर चित्र शैली को सर्वाधिक सानिध्य प्रदान किया

48

भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध ‘चित्रशाला’ स्थित है

49

भित्ति चित्रों के लिए विख्यात बूँदी की ‘चित्रशाला’ का निर्माण करवाया था

50

भैसासुर की पड़ के वाचक हैं