← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : संगीत, नृत्य, नाट्य एवं वाद्ययंत्र

227 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 2 / 10
26

गूजर जाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है

27

जयपुर में ‘रामप्रकाश थियेटर’ की स्थापना हुई

28

जालौर का वह नृत्य जो भीनमाल के सांचलिया संप्रदाय में विवाह के अवसर पर किया जाता है तथा इस नृत्य को प्रकाश में लाने का श्रेय श्री जयनारायण व्यास को जाता है

29

जैसलमेर की रम्मतों का जनक कहा जाता है

30

जोगियों का प्रमुख वाद्य है

31

डांडिया नृत्य मुख्यत: किया जाता है

32

डूंगरपुर जिले में डामोर जनजाति के स्त्री-पुरुष शोक दूर करने के लिए होती के समय करते हैं

33

ढोलामारु लोकगीत है

34

तेरहताली नृत्य की की प्रसिद्ध नृत्यांगना हैं

35

नट जाति की स्त्रियों द्वारा किया जाता है

36

नृत्य पैटर्न बनाने की कला के लिए प्रसिद्ध लोकनृत्य है

37

प्रसिद्ध नर्तक बिरजू महाराज व सतारा देवी कलाकार हैं

38

बणजारा जाति की किशोरियों द्वारा किया जाता है

39

बीकानेर का अग्नि नृत्य है

40

बीमारी निवारण के लिए धमक मूसल नामक नृत्य किया जाता है

41

बोहरा-बोहरी नृत्य है

42

भील जनजाति में प्रचलित है

43

भीलूड़ा-जेठना (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) का प्रसिद्ध नृत्य है

44

महिला थी

45

महिलाओं एवं पुरुषों द्वारा सम्मिलित रूप से दो अर्द्धवृत्तों में अत्यंत धीमी गति से बिना वाद्य के किए जाने वाले गरासियों के प्रसिद्ध नृत्य का नाम है

46

मांगी बाई व लक्ष्मणदास कामड़ कलाकार हैं

47

माण्ड गायी के लिए में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध

48

मिरासियों का प्रमुख वाद्य है

49

मेवात क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है

50

राई नृत्य कहा जाता है