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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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26

राठौड़ों की कुल देवी, बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी द्वारा स्थापित अठारह भुजाओं वाली प्रतिमा है

27

रामदेवजी से संबंधित सुरता खेड़ा स्थित है

28

लोक देवता पाबूजी का बोध चिह्न है

29

लोक देवता मेहाजी मांगलिया के घोड़े का नाम था

30

लोक देवता वीर बावसी का मुख्य मंदिर स्थित है

31

लोकदेवता तेजाजी खड़नाल थे

32

लोकदेवता तेजाजी, गोगाजी और कल्लाजी पूजे जाते हैं

33

वह एकमात्र मंदिर जहाँ देवी की पीठ का ही शृंगार व पूजा होती है

34

वह तिथि जब गुर्जर समुदाय दूध को जमाने व बेचने का कार्य नहीं करते हैं

35

वह देवी जो रामदेवजी की शिष्या मानी जाती हैं

36

वह लोक देवता जिसकी स्मृति में तिलवाड़ा का मेला भरता है

37

वह लोक देवता जिसके आशीर्वाद से राव जोधा ने मण्डौर को मेवाड़ आधिपत्य से मुक्त कराया था

38

वह लोक देवता जिसके साथ पाबूजी की भतीजी का विवाह हुआ था

39

वह लोक देवता जिसने जिंदराव खींची के साथ संघर्ष किया

40

वह लोक देवता जो जीवित पीर माने जाते हैं

41

वह स्थान जहाँ वीर कल्लाजी की मृत्यु पर कृष्णा जी उनके शव के साथ सती हुई थी

42

संत चरणदास की शिष्या थी

43

संत रामदेवजी को ‘पीरों का पीर’ की पदवी दी थी

44

सावित्री माता का मंदिर स्थित है

45

सुगनचिड़ी को लोकमानस में स्वरूप माना जाता है

46

सेना के जवानों की श्रद्धेय देवी हैं

47

हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर है

48

हिन्दू धर्म के अनुयायी लोक देवता रामदेवजी को अवतार मानते हैं

49

आजीवन ब्रह्मचारिणी रहकर घोर तपस्या कर शक्तियाँ अर्जित कर देवी के रूप में प्रतिष्ठित हुई हैं

50

कोटा राजपरिवार की कुलदेवी हैं