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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजागरण (प्रजामण्डल, किसान एवं जनजातीय आंदोलन)

552 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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501

स्वतंत्रता सेनानी श्री ठाकर बापा एवं अमृतलाल पायक सम्बन्धित हैं

502

‘‘यदि मैं राज्य की नौकरी करूँगा तो अंग्रेजों को बाहर निकाल फेंकने का काम कौन करेगा’’ यह कहा था

503

1903 नया कर लगाया

504

1928 गया था

505

1947 हुए। यह कांड जाना जाता है

506

कोटा में पहला डाकघर खुला

507

कोटा राज्य में जन जागृति का श्रेय दिया जाता है

508

क्रांतिकारी, जिसे महन्त प्यारेलाल हत्याकाण्ड में सजा मिली थी

509

गुरु गोविन्द गिरि का जन्म हुआ

510

जयपुर के प्रशस्तकार एवं इसकी स्थापना के उद्देश्य थे

511

जयपुर में सर्वप्रथम राजनैतिक जागृति का संगठित प्रयास करने का श्रेय है

512

जयपुर रियासत का प्रसिद्ध ठिकाना था

513

झालावाड़ के राजराणा राजेन्द्रसिंह (1929-1943 ई.) ने गोलमेज सम्मेलन में एक दर्शक के रूप में भाग लिया

514

ठाकुर छतरसिंह व ठाकुर पंचमसिंह का सम्बन्ध है

515

डाबी किसान सभा आयोजित की गई थी

516

डूँगरपुर में ई. में प्रजामण्डल की स्थापना हुई

517

डूँगरपुर रियासत में शिक्षाप्रेमी नानाभाई खाँट व कालीबाई जून,

518

दूधवाखारा किसान आंदोलन में प्रमुख किसान नेता था

519

बरड़ किसान आंदोलन के संदर्भ में राजस्थान सेवा संघ ने प्रकाशन किया था

520

बाँसवाड़ा का प्रथम लोकप्रिय मंत्रिमंडल गठित किया गया

521

बिजौलिया किसान आंदोलन में महिलाओं का नेतृत्व किया गया था

522

भरतपुर प्रजा परिषद का राजनीतिक सम्मेलन 20-21 मार्च,

523

भारत की स्वतंत्रता से लगभग वर्ष पूर्व वर्द्धमान विद्यालय

524

भारतीय संविधान सभा में बीकानेर रियासत की ओर से भाग लिया था

525

मारवाड़ राजनैतिक जनजाग्रति का जनक माना जाता है