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ओढ़ने का सूती वस्त्र कहलाता है
627
कंठी, कंकण, कड़लौ, कांठळियो आदि हैं
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कपड़ा सुखाने के लिए लटकाई जाने वाली रस्सी या लकड़ी को कहते हैं
629
किसानों को लगान पर जोतने के निमित्त दी जाने वाली कृषि भूमि को कहते हैं
630
किसी सरदार को बादशाह या राजा की ओर से दरबार में दिया जाने वाला सम्मान कहलाता है
631
कुएँ के समीप बना पशुओं के जल पीने का स्थान है
632
कुएँ पर पानी से भरा मोट खाली करने वाला व्यक्ति कहलाता है
633
खेती के काम में लिया जाने वााले बधिया किए हुए बैल को कहते हैं
634
गणेश पूजन की सामग्री के साथ वर पक्ष की ओर से लाया जाने वाला सामान है
635
गौना रस्म संबंधित है
636
घोड़े की देखरेख करने वाला कहलाता है
637
चुंगी वसूल करने वाला व्यक्ति कहलाता है
638
तालाब की मिट्टी निकालने व पत्थर तोड़ने का कार्य करने वाली जाति है
639
तालाब में पानी सूखने पर प्राप्त उपजाऊ मिट्टी कहलाती है
640
दरबार में बादशाह से भेंट करने वालों का नाम पुकारने वाला कर्मचारी है
641
दाँत में सोना जड़ने की क्रिया कहलाती है
642
दूल्हा-दुल्हन के विवाह की जूतियाँ कहलाती हैं
643
नव वधू या पुत्री को सुसराल से लाने वाला व्यक्ति कहलाता है
644
नाक में पहनने की छोटी सिली है
645
नींबूड़ौ, जमाई, जीरौ आदि हैं
646
न्यायालय द्वारा अभियुक्त से लिखवाया जाने वाला प्रतिज्ञा पत्र कहलाता है
647
पशुओं की जुगाली को कहते हैं
648
पीलापन युक्त लाल रंग कहलाता है
649
पूर्वी राजस्थान में गाया जाने वाला गीत है
650
प्रथम प्रसव के समय पिता के घर से मिलने वाला धन, द्रव्य, सामान आदि कहलाता है