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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान के इतिहास के स्रोत (अभिलेख एवं सिक्के)

207 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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51

वह अभिलेख जिसमें गुर्जर-प्रतिहारों द्वारा मण्डौर में अपना शासन स्थापित करना बताया गया है

52

वह अभिलेख जिसमें सांभर के चाहमान शासकों की उपलब्धियों का वर्णन किया गया है

53

वह अभिलेख जिसमें सांभर तथा अजमेर के चौहानों को वत्सगोत्रीय ब्राह्मण बताया गया है

54

वह इतिहासकार जिसको मेवाड़ के महाराणा सज्जनसिंह ने ‘कविराज’ की उपाधि से विभूषित किया

55

वह धर्म जिससे बड़ली स्तूप संबंधित है

56

वह फारसी साहित्यकार जिसके द्वारा प्रसिद्ध कालजयी रचना ‘गुलिस्तां’ रचित है

57

शाके होगा

58

शास्त्रीय संगीत पर रचना ‘राधा गोविन्द संगीत सार’ के रचयिता थे

59

शिलालेखों तथा ताम्र-पत्रों के अनुसार गुहिलों की शाखाओं में सबसे अधिक शासन करने वाले थे

60

श्री सरस्वती पुस्तकालय जो अलभ्य एवं दुर्लभ साहित्य का अप्रितम खजाना है, स्थित है

61

संसार का सबसे बड़ा शिलालेख होने का गौरव राजप्रशस्ति महाकाव्य शिलालेख को है जो पद्यात्मक संस्कृत में अंकित है। इस प्रशस्ति का रचयिता तेलंग ब्राह्मण रणछोड़ था। यह शिलालेख स्थित है

62

सामाजिक परम्परा, राजपूतों की सैनिक व्यवस्था, जौहर प्रथा आदि के बारे में जानकारी मिलती है

63

सारणेश्वर प्रशस्ति सम्बन्धित है

64

हाली नामक सिक्का प्रचलित रहा

65

‘एनाल्स एण्ड एण्टीक्विटीज ऑफ राजस्थान’ के लेखक लेफ्टीनेन्ट कर्नल जेम्स टॉड पोलिटिकल एजेन्ट थे

66

‘समिद्धेश्वर मंदिर अभिलेख’ राजस्थान में स्थित है

67

अलवर रियासत में अलग से कुतुबखाना स्थापित किया गया

68

कहा जाता था

69

कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति का प्रशस्तिकार था

70

कुतुबखाना का शाब्दिक अर्थ होता है

71

कुतुबखाना का सम्बन्ध है

72

गंभीरी नदी के पुल का लेख प्राप्त हुआ है

73

गादीतान की मस्जिद का लेख स्थित है

74

जगन्नाथ कछवाहा की छतरी का लेख संबंधित है

75

जगन्नाथ कछवाहा की छतरी का लेख स्थित है