89 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।
पेज 3 / 4
51
परगने में राजस्व की वसूली का कार्य करने वाला अधिकारी था
उत्तर
आमिल
52
प्रथम श्रेणी के जागीरदार को शासक द्वारा दिया गया विशेष आभूषण था
उत्तर
सिरोपावा
53
बीकानेर राज्य का एक क्षेत्र है
उत्तर
जार्खणपट्टी
54
भंवरमाता का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है
उत्तर
प्रतापगढ़ में
55
भू राजस्व कर्मचारियों द्वारा वसूल की जाने वाली अवैध रकम है
उत्तर
दस्तूर
56
मवेशी रखने वालों से लिया जाने वाला एक प्रकार का कर है
उत्तर
नाहबंद
57
मारोठ के किले का निर्माण करवाया था
उत्तर
मांडनराव ने
58
मेवाड़ शासक शक्तिकुमार के शासनकाल में वह परमार शासक जिसने आक्रमण कर आघाटपुर (आहड़) पर अधिकार कर लिया था
उत्तर
मुंज
59
राजस्थान की प्रसिद्ध लोककथा ‘ढोला मारु’ का नायक ढोला राजा था
उत्तर
गागरोन का
60
राजस्थान में जो दासियाँ उप-पत्नी के रूप मेंं स्वीकार कर ली जाती थीं, उन्हें कहा जाता था
उत्तर
खवासन, पासवान, पड़दायत
61
राजस्थान में परमार वंश का शासन था
उत्तर
आबू, जालौर व वागड़ व किराडू में
62
राजस्थान में भू-भागों का उल्लेख मिलता है
उत्तर
छठी शताब्दी में
63
राजा दरबार में आने पर राजा द्वारा हाथ उठाकर सम्मान देने की क्रिया का संकेत है
उत्तर
कुरब
64
राव चन्द्रसेन ने अपने भाई राव उदयसिंह को परास्त किया था
उत्तर
लोहावट स्थान पर
65
रियासत काल में दरबार मेंं अभिवादन का एक प्रकार है
उत्तर
दोहरी-ताजीम
66
वह जागीर जो परगने के हाकिम को राजकोषा में लगान जमा कराने पर वेतन के रूप में दी जाती थी
उत्तर
हुकूमत जागीर
67
शकों के आगमन तथा लोप होने का पता चलता है
उत्तर
सांभर के निकट नलियासर में चांदी के सिक्कों से
68
शाल्वों ने अलवर में तथा राजन्य ने भरतपुर ममें अपने जनपद स्थापित किए। पंजाब की शिवि जाति ने चित्तौड़ के निकट अपना जनपद स्थापित किया
उत्तर
गिरि में
69
सामन्त की मृत्यु पर या उसके पुत्र द्वारा जागीर का भार संभालने के लिए बदले ली गई लाग कहलाती थी
उत्तर
रेख
70
सामन्तों से ली जाने वाली सैनिक सेवा कही जाती थी
उत्तर
चाकरी
71
सेठ साहूकार या व्यापारियों द्वारा लिखा जानने वाला भुगतान पत्र है
उत्तर
हुंडी
72
हर्ष की मृत्यु के पश्चात् सातवीं शताब्दी के समय को कहा जाता है
उत्तर
राजपूत युग
73
हूण सर्वाधिक पूजा करते थे
उत्तर
शिव की
74
‘राजस्थान का कोई छोटा सा राज्य भी ऐसा नहीं है, जिसमें थर्मोपल्ली जैसी रणभूमि नहीं हो और शायद ही कोई ऐसा नगर मिले जहाँ लियोनिडास जैसा वीर पुरुष उत्पन्न न हुआ हो।’ यह कथन है