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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : संगीत, नृत्य, नाट्य एवं वाद्ययंत्र

227 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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राजस्थान की तमाशा लोक नृत्य शैली के कलाकार हैं

52

राजस्थान के प्रसिद्ध पखावज वाद जिन्हें भारत सरकार पद्मश्री से नवाज चुकी है

53

राजस्थान में लोकनाट्य की सबसे लोकप्रिय विधा है

54

लोकप्रिय ‘अग्नि नृत्य’ का प्रारंभ एवं आयोजन मुख्यत: किया जाता है

55

वह नृत्य जिसमें कलात्मक अदाकारियाँ प्रस्तुत की जाती है

56

वह वाद्य यंत्र जो आधे कटे नारियल की कटोरी पर खाल मढ़कर बनाया जाता है

57

वह शास्त्रीय नृत्य जिसकी उत्पत्ति का सम्बन्ध राजस्थान से है

58

विवाह के अवसर पर गणपति स्थापना के पश्चात् रात्रि को गरासिया पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है

59

संवत्सरी का दूसरा नाम है

60

सरगड़ों का खानदानी वाद्य है

61

सहरिया जाति का प्रमुख नृत्य है

62

सहरिया जाति की महिलाओं का नृत्य है

63

सादी, आड़ी, मांयली, बाहरली तथा बैठक चालों का प्रयोग किया जाता है

64

सिरोही क्षेत्र के गरासियों एवं मेवाड़ के जोगियों द्वारा दो छोटी छोटी लकड़ी की डंडियों की सहायता से बजाया जाने वाला वाद्य है

65

सुषिर वाद्य है

66

हाड़ौती क्षेत्र में प्रचलित लोक नाट्य है

67

होली के पर्व से संबंधित नृत्य है

68

‘कामायचा’ का संबंध है

69

‘केसरिया बालम आओ नी पधारों म्हारे देश’ को अल्लाह जिल्लाह बाई ने गाया

70

‘सारंग’ संगीत गाया जाता है

71

इंडोणी, शंकरिया, पणिहारी, बागड़िया नृत्य हैं

72

कंजर जाति का प्रमुख नृत्य है

73

कंजर जाति का प्रमुख नृत्य है

74

कच्छी घोड़ी नृत्य करते हैं

75

कहरवा ताल पर किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है