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‘कायम खाँ रासो’ का रचयिता था
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‘डिफाइनिंग मोमेन्ट्स’ के लेखक हैं
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‘द करेंसीज ऑफ दि स्टेट्स ऑफ राजपूताना’ पुस्तक के लेखक हैं
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‘परायी प्यास का सफर’और ‘एक गधे की जन्म कुंडली’ के रचनाकार हैं
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‘बरसां रा डिगोड़ा डूँगर लांघिया’ के रचयिता हैं
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‘बादली’ के रचनाकार थे
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‘भारत के प्राचीन राजवंश’ व ‘राजा भोज’ कृतियों के रचनाकार हैं
उत्तर
विश्वेश्वरनाथ (रेऊ)
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‘राग मंजरी’ एवं ‘राग माला’ जैसे प्रसिद्ध संगीत ग्रंथों के रचयिता थे
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‘राजस्थान का कालिदास’ कहा जाता है
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‘वेलि-कृष्ण-रुक्मणि री’ के लेखक हैं
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‘वैदिक मंत्रालय’ नामक प्रिंटिंग प्रेस लगाई गई थी
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‘संगीत रत्नाकर’ के रचयिता हैं
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अलाउद्दीन खिलजी द्वारा चित्तौड़ पर किये गये आक्रमण की जानकारी होती है
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कलकत्ता समाचार, ज्ञानोदय और भारत पत्र का संपादन किया
उत्तर
पं. झाबरमल शर्मा ने
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कविवर बिहारी द्वारा रचित ‘बिहारी सतसई’ में संग्रहित हैं
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घरौंदे, मुर्दों का टीला, कब तक पुकारूँ आदि प्रसिद्ध उपन्यास रचित हैं
उत्तर
साहित्यकार ‘रांगेय राघव’ द्वारा
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जोधपुर के महाराजा गजसिंह के पुत्र जसवंत सिंह द्वारा रचित कृति है
उत्तर
इच्छा विवेक, चन्द्र प्रबोध, पूली जसवंत संवाद
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डिंगल पर्यायवाची कोष है
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पद्मश्री कोमल कोठारी का सबंध था
उत्तर
रूपायन संस्थान, जोधपुर से
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प्रकाशन किया
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प्रथम बिहारी पुरस्कार से नवाजा गया था
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प्रसिद्ध ग्रंथ ‘एनाल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान’ का हिन्दी में अनुवाद किया
उत्तर
पं. गौरीशंकर हीराचंद ओझा ने
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प्रसिद्ध ग्रंथ ‘कविप्रिया’ के रचयिता हैं
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प्रसिद्ध डिंगलकोश ‘हम्मीर नाममाला’ प्रसिद्ध रचना है
उत्तर
कवि ‘हमीरदान रतनू’ की
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प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार शिवचन्द्र भरतिया द्वारा लिखित कृतियाँ हैं
उत्तर
कनक सुन्दर, केसर विलास और विश्रांत प्रवास