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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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51

खंडित प्रतिमा के रूप में पूज्य हैं

52

गोठ मांगलोद स्थान से संबंध है

53

चेचक की देवी, सैढ़ल माता व महामाई के नाम से प्रसिद्ध लोक देवी हैं

54

चौथमाता का मंदिर स्थित है

55

चौहान वंश की कुलदेवी हैं

56

चौहान वंश की कुलदेवी हैं

57

जमुवाय माता का प्राचीन नाम था

58

जालौर के सोनगरा चौहान शासकों की कुलदेवी थीं

59

जीणमाता के सीकर स्थित अष्टभुजी प्रतिमा वाले मंदिर का निर्माण करवाया था

60

जैसलमेर के भाटी शासकों की कुल देवी थी

61

जोधपुर रियासत की कुल देवी थी

62

थार की वैष्णो देवी कहा जाता है

63

दादूजी के शिष्य जिसने अपनी रचना ‘भक्तमाल’ में दादू के बावन शिष्यों का नामोल्लेख किया है

64

देशनोक में करणीमाता के मंदिर में ‘सफेद चूहे’ के दर्शन को शुभ माना जाता है, इस सफेद चूहे को कहा जाता है

65

दौसा की वह देवी जिनकी मान्यता बाल रोगों के निदान हेतु है

66

नाथद्वारा मन्दिर में स्थित श्रीनाथजी की मूर्ति लाई गई थी

67

प्राचीन तान्त्रिक शक्ति पीठ ‘सुंधा माता’ का मंदिर स्थित है

68

बेणेश्वर धाम की स्थापना करवाई

69

भक्तिमती मीरा के पति थे

70

मेवाड़ के सिसोदिया वंश की कुल देवी थी

71

मोदरां माता या महादेवी माता के नाम से जानी जाने वाली लोकदेवी हैं

72

राजसमंद झील की पाल बांधने का श्रेय दिया जाता है

73

राजस्थान की प्रसिद्ध कृष्ण भक्त मीरा का जन्म का नाम था

74

राजस्थान में दधिमाता का मंदिर स्थित है

75

राजस्थान में ‘छींक माता’ का मंदिर स्थित है