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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख रीति-रिवाज, प्रथाएँ, परम्पराएँ, वेशभूषा, आभूषण एवं शब्दावली

788 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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726

ऋण के बदले रेहन रखी हुई भूमि, जायदाद या वस्तु से आशय है

727

कर जमा कराने की रसीद पर लिया जाने वाला कर कहलाता है

728

कलाकारों का विवरण रखने वाला विभाग है

729

कृषि भूमि को कुछ समय पड़ा रखने की क्रिया कहलाती है

730

खाने हेतु उबाले हुए गेहूँ कहलाते हैं

731

खेतों में पानी भरने के लिए क्यारियाँ बनाने का उपकरण कहलाता है

732

गाँव या मुहल्ले की चौपाल को कहते हैं

733

चरणोत, छापर, कांकड़, राँकड़, झांखड़, बीड़ आदि हैं

734

तोरण पर आए दूल्हे का स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला स्वागत कहलाता है

735

थरपणौ से आशय है

736

दूध दुहते समय गाय के पैर बाँधने की रस्सी कहलाती है

737

नया भर्ती किया गया सिपाही कहलाता है

738

परगने में शान्ति व्यवस्था, न्याय एवं भू-राजस्व संबंधी कार्य करने वाला अधिकारी था

739

पीतल या लोहे का बना छोटा लट्टू, जिसको रस्सी के एक छोर पर बाँधकर दीवार की सीध देखने के काम लिया जाता है, कहलाता है

740

पुस्तक रखने का एक आधार या स्टैण्ड है

741

फसल के साथ उगने वाली घास कहलाती है

742

बच्चों का खेल है

743

बाल विवाह होने के बाद जब वधू वयस्क होने पर पीहर से दुबारा ससुराल आती है, तब वर व उसके भाई/बंधुओं को गहने, कपड़े, मिठाई आदि भेजे जाते हैं, यह प्रथा कहलाती है

744

बेसन आदि की जमाई हुई चक्की (मिठाई) है

745

बैलों के गले में बाँधने की एक रस्सी है

746

भार लादने की गाड़ी विशेष है

747

भू-राजस्व की कर प्रणाली है

748

मकर संक्रांति के दिन किया जाने वाला विभिन्न प्रकार की तेरह तेरह वस्तुओं का कन्याओं को दान, कहलाता है

749

मकान की छत पर चूने आदि का कुटाई कर किया जाने वाला प्लास्टर कहलाता है

750

मक्खन निकालने हेतु रई घुमाने की रस्सी है