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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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76

राजस्थानी लोक जीवन में आदिवासी भीलों द्वारा लड़की के विवाह पर घर की दीवार पर बनाया जाने वाला लोक देवी का चित्र है

77

राणी सती का मंदिर है

78

लोकदेवी राणी सती का वास्तविक नाम था

79

लोकदेवी ‘शापविमोचनी देवी’ के रूप में विख्यात हैं

80

वह देवता जिनके नाम का स्मरण करने पर लोक संत जाम्भोजी ने जोर दिया

81

वह देवी जिसके दर्शन व भक्ति लोग विशेष रूप से राजनीतिक पद व मंत्रिपद पाने के लिए करते हैं

82

वह देवी जिसके मंदिर की ज्योति से केसर टपकती है

83

वह राजपूत वंश जिसकी आराध्य देवी ‘जीणमाता’ हैं

84

वह लोक देवी जिनका मंदिर ‘मठ’ कहलाता है

85

वह लोकदेवी जिसका मंदिर एक वन्यजीव अभयारण्य में स्थित है

86

वह लोकदेवी जिसको अधर देवी भी कहते हैं

87

वह संप्रदाय जिसमें भगवान के भोग लगाते समय गाए जाने वाले भजन को ‘आरोगणा’ कहा जाता है

88

विश्नोई के धर्म संस्थापक थे

89

विश्नोई सम्प्रदाय के लोग पसन्द नहीं करते

90

शाकम्भरी का एक मंदिर सांभर में है तो दूसरा है

91

शीतला माता की सवारी है

92

संत मावजी का देहावसान हुआ

93

सिरवी जाति के क्षत्रिय वंश की कुलदेवी हैं

94

सुराणा व दुग्गड़ जाति की कुलदेवी माँ सुसवाणी का धाम स्थित है

95

हाड़ाओं की कुल देवी हैं

96

‘चूहों की देवी’ के रूप में प्रसिद्ध हैं

97

‘दादू पंथ के बावन स्तंभ’ कहा जाता है

98

‘धौलागढ़ देवी’ का मंदिर स्थित है

99

‘मूठ’ से पीड़ित व्यक्ति के इलाज के लिए पूजा जाता है

100

1997 2 संत थे