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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान के इतिहास के स्रोत (अभिलेख एवं सिक्के)

207 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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101

वह प्रतिहार राजा जिसके काल में प्रसिद्ध ग्वालियर प्रशस्ति की रचना की गई

102

वह मुगल शासक जिसने निखात निधि नाम के सिक्के जारी किये

103

वह शिलालेख जिसका रचयिता जैता नामक जैन मुनि था

104

वह शिलालेख जिसमें धवल नामक मौर्यवंशी राजा का उल्लेख है

105

वह शिलालेख जिससे ज्ञात होता है कि द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व में भागवत धर्म का प्रचार, वासुदेव तथा संकर्षण की मान्यता और अश्वमेध यज्ञ का प्रचलन था

106

वह शिलालेख जो गुहिल शासक शिलादित्य के समय का है

107

वह संग्रहालय जिसकी मुख्य विशेषता फतह प्रकाश महल है

108

श्री बांगड़ राजकीय संग्रहालय स्थित है

109

सतसई पर बने चित्र प्रदर्शित हैं

110

सिन्धु घाटी सभ्यता से लेकर गुप्त वंश तक के नमूनों का संग्रह है

111

‘मारवाड़ रा परगना री विगत’ ग्रंथ लिखा है

112

‘मुण्डियार री ख्यात’ का विषय है

113

‘शिुशुपाल वधम्’ संस्कृत महाकाव्य के रचयिता महाकवि माघ का निवास स्थान था

114

अंकित है, जो तीर एवं तरकश से युक्त है, प्राप्त हुई है

115

अंगे्रजी भाषा में लिखी ‘हिस्ट्री ऑफ दी राठौड्स’ कृति है

116

अनाड़ सिंह जिन्होंने सिक्कों पर अपना नाम ‘रा’ अंकित किया, वह मुखिया थे

117

अपराजित के शिलालेख के रचयिता हैं

118

आर्थूणा का शिव मंदिर जो पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, स्थित है

119

आहत् मुद्राओं पर मुख्यत: अंकित होते थे

120

करौली राज्य में सर्वप्रथम सिक्के ढालने का श्रेय प्राप्त है

121

किशनगढ़ पेंटिंग्स पुस्तक के लेखक हैं

122

कुम्भलगढ़ का वह मंदिर जिसको अब मामादेव मंदिर कहते हैं

123

गधियाशाही मुद्रा का प्रचलन था

124

गलीचा प्रदर्शित है

125

गुप्तकालीन सोने के सिक्के प्राप्त हुए