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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख रीति-रिवाज, प्रथाएँ, परम्पराएँ, वेशभूषा, आभूषण एवं शब्दावली

788 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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101

मकान के अंदर का कक्ष है

102

मवेशियों को नियमित बाँधकर रखने का स्थान कहलाता है

103

मांगलिक अवसरों पर बजने वाला वाद्य है

104

मृतक की भस्म नदी या तीर्थ स्थान मेंं डालकर संबंधियों को दिया जाने वाला भोज कहलाता है

105

मृतक के घर संवेदना प्रकट करने जाने की क्रिया का भाव कहलाता है

106

मृतक के पीछे चिल्लाकर किया जाने वाला रुदन है

107

यज्ञोपवीत संस्कार या जनेऊ कहलाता है

108

युद्ध में बजाया जाने वाला बड़ा ढोल है

109

रंग-बिरंगी बंधाई-छपाई वाला साफा कहलाता है

110

राजस्थान की वह पोशाक जिसको राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है

111

राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त गोबर से थापे जाने वाले उपले, कंडे और छाणों को वर्षभर सुरक्षित रखने के लिए बनाए जाने वाले गृह कहलाते हैं

112

राजस्थान में जूता को कहते हैं

113

राजस्थानी वेशभूषा में वर-वधू गठबंधन का वस्त्र कहलाता है

114

राजा के दरबार में आने पर राजा द्वारा हाथ उठाकर सम्मान देने की क्रिया या संकेत है

115

लोहे की जाली का बना दस्ताना है

116

वर्षा ऋतु में पैदा होने वाला काले रंग का एक फीता कृषि, केंचुआ है

117

वर्षा के साथ चलने वाली तेज हवा है

118

विधवा स्त्रियों की ओढ़नी है

119

विवाह में शगुन के रूप में दी जाने वाली सात सुपारी या सिंघाड़ा को कहते हैं

120

विवाहादि मांगलिक कार्यों का निमंत्रण पत्र, कुमकुम पत्रिका है

121

शनिवार को दाने लेने वाला एक ब्राह्मण जाति का व्यक्ति कहलाता है

122

सभी भाइयों में गाँव व जमीन के समान बँटवारे की एक जागीरी प्रथा कहलाती है

123

सेठ साहूकार या व्यापारियों द्वारा लिखा जाने वाला भुगतान पत्र (रक्का) को कहते हैं

124

स्त्रियों के कान का आभूषण है

125

हाथी की गर्दन पर बाँधने का रस्सा है