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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : कलाएँ, चित्रकलाएँ एवं हस्तशिल्प

196 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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101

रेखाओं का सर्वाधिक व सशक्त अंकन विशेषता है

102

लकड़ी के बने देव विमान होते हैं

103

लोकजीवन की झाँकी सर्वाधिक देखने को मिलती है

104

वह चित्रकला शैली जिस पर मुगल प्रभाव अधिक है

105

वह चित्रकला शैली जो जोधपुर शैली से सर्वाधिक प्रभावित है

106

वह चित्रकला शैली जो जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, मुगल और दक्षिण शैली के मिले-जुले प्रभाव से युक्त है

107

वह पड़ जिसका वाचन नहीं किया जाता, केवल पूजा की जाती है

108

वह शासक जिसने महात्मा शेख सादी के ‘गुलिस्ताँ’ की पाण्डुलिपि को भारत-फारस शैली में बलदेव गुलाम अली नामक चित्रकारों से चित्रित करवाया

109

वह शैली जिसके कलाविदों ने अपनी कला को मुगल व जोधपुर शैली के प्रभाव से विमुक्त रखा

110

वह शैली जिसके चित्रों पर कलाकार का नाम, उसके पिता का नाम एवं संवत् का उल्लेख मिलता है

111

विवाह के अवसर पर दुल्हन के घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लटकायी जाने वाली लकड़ी की कलाकृति जिसके शीर्ष पर मयूर या सुग्गा बना होता है, कहलाती है

112

साहिबराम, लालचंद व गंगाबख्श प्रमुख चित्रकार थे

113

सुन्दरता की दृष्टि से जानी जाने वाली चित्रकला शैली है

114

‘बलखाती बालों की लट का एक ओर अंकन’ स्त्री चित्रण में विशेषता है

115

इंडियन मोनालिसा के नाम से जाना जाने वाला चित्र संबंधित है

116

किशनगढ़ चित्रकला शैली से संबंधित हैं

117

चन्दन काष्ठ कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है

118

चावण्डाजी के पड़वाचक व वाद्य क्रमश: हैं

119

चित्र शृंखला के चित्रकार हैं

120

चित्रकला में राजस्थानी शैली का उद्गम माना जाता है

121

चित्रकार जगन्नाथ द्वारा चित्रित ग्रंथ है

122

चित्रकार नसीरुद्दीन द्वारा चित्रित ग्रंथ है

123

चित्रकार हीरानन्द द्वारा चित्रित ग्रंथ है

124

जयपुर चित्रकला शैली आती है

125

जीतमाल ई.), देवदास इत्यादि प्रमुख चित्रकार थे