← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख मेले एवं त्योहार

131 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 5 / 6
101

‘कुंभलगढ़ शास्त्रीय उत्सव’ का आयोजन होता है

102

‘तीज तिवाराँ, ले डूबी गणगौर’ लोकोक्ति संबंधित है

103

‘नारियल पूर्णिमा’ (सत्य पूर्णिमा) कहते हैं

104

‘सीताबाड़ी’ का प्रसिद्ध मेला लगता है

105

अश्विवन शुक्ला तिथि को मनाई जाती है

106

ऋषभ जयंती संबंधित है

107

कार्तिक पूर्णिमा को कहते हैं

108

जयपुर में तीज की सवारी निकाली जाती है

109

जल झूलनी ग्यारस मनाई जाती है

110

तब केरल में मकर विलक्कू, असोम में माघ बिहू तथा दक्षिण में पोंगल पर्व मनाया जाता है तब राजस्थान में मनाया जाता है

111

थदड़ी या बड़ी सातम पर्व संबंधित है

112

नाथद्वारा में चैत्र शुक्ला पंचमी को मनाई जाती है

113

बादशाह मुखशाह का सबंध है

114

बिना ईसर की गवर पूजी जाती है

115

बड़ी तीज/सातुड़ी तीज/कजली तीज का पर्व मनाया जाता है

116

भगवान मत्स्य का अवतार माना जाता है

117

भादवा बदी अमावस्या कहते हैं

118

मनाया जाता है

119

महाकुंभ होता है

120

मुस्लिम समाज का वह पर्व जो कुरान उतारे जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

121

राजस्थान में सूर्यवंशी गुहिल घराना के कारण 6वीं शताब्दी में लोकप्रिय थी

122

राजस्थानी त्योहारों में सर्वाधिक गीतों वाला त्योहार है

123

वह पर्व जिस पर शमी वृक्ष (खेजड़ी) की पूजा की जाती है और लीलटांस पक्षी का दर्शन शुभ माना जाता है

124

वह पर्व जिस पर स्त्रियॉँ दीवार पर स्याऊ माता व उसके बच्चोंं का चित्र बनाती हैं

125

वह हाड़ा शासक जिसके द्वारा विजयादशमी के दिन कोटा में प्रसिद्ध दशहरा मेला आयोजन शुरू किया गया