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शेखावटी प्रदेश में जल प्राप्ति के लिए बनाए गए कच्चे-पक्के कुओं को कहा जाता है
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सिरोही का प्राचीन नाम है
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सीकर से सांभर तक का भाग जाना जाता था
129
हर्ष की पहाड़ियाँ स्थित हैं
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हाड़ौती पठार पर स्थित अर्द्ध चन्द्राकार पर्वत श्रेणियाँ जानी जाती हैं
उत्तर
मुकुन्दवाड़ा तथा बूँदी श्रेणियाँ के नाम से
131
हिमालय और विन्ध्याचल पर्वत शृंखलाओं के बीच सबसे ऊँची चोटी है
132
‘राजस्थान के गाँधी’ के रूप में जाना जाता है
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अनुदैर्ध्य बालुका स्तूप है
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अन्तर्राष्ट्रीय सीमा रेखा की राजस्थान में लम्बाई है
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अरावली पर्वतमाला का सबसे कम विस्तार है
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अरावली श्रेणियों से संबंधित ‘नाल’ शब्द का अर्थ है
137
अर्द्धशुष्क मैदान का वह प्रदेश जिसकी पश्चिमी व पूर्वी सीमा क्रमश: सेमी व सेमी समवर्षा द्वारा विभाजित है
उत्तर
25 50 शेखावाटी प्रदेश
138
कांठल का मैदान क्षेत्र का भाग है
139
खड़ीन का आविष्कार किया था
उत्तर
जैसलमेर के पालीवाल ब्राह्मणों ने
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चट्टानी मरुस्थल को कहते हैं
141
जसवन्तपुरा की पहाड़ियों में स्थित है
142
टीबों का अपरदन रोकने में प्रयोग की जाने वाली वनस्पति है
143
पथरीला मरुस्थल को कहते हैं
144
पश्चिम रेगिस्तान व खारे पानी की झीलें अवशेष हैं
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पश्चिमी क्षेत्र (नागौर) में अधिकांशत: बालुका स्तूप पाये जाते हैं
146
पश्चिमी मरुप्रदेश की लम्बाई है (उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व)
147
पश्चिमी राजस्थान के आन्तरिक जल प्रवाह प्रदेश (शेखावाटी प्रदेश) से संबंधित भाग है
उत्तर
चुरु-झुंझुनूं, सीकर और उत्तरी नागौर
148
पश्चिमी राजस्थान को अरावली पर्वतमाला से पृथक करने वाली समवर्षा रेखा है
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पश्चिमी राजस्थान में नहरों से सिंचित होने वाले जिले हैं
उत्तर
जैसलमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर
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पश्चिमी रेगिस्तान की सबसे लम्बी नदी है