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राजस्थान का इतिहास

राजस्थान की प्राचीन सभ्यतायें एवं पुरातात्विक स्थल

151 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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126

भेड़, ऊँट, गाय, भैंस, सुअर और बकरी पशुओं का पालन किया गया था

127

मकानों से पानी निकालने की वैज्ञानिक पद्धति ‘चक्रकूप’ विशेषता थी

128

मध्य पाषाण कालीन सूक्ष्म हथियार राजस्थान में प्राप्त किये गये हैं

129

रंगमहल (हनुमानगढ़) की खुदाई का कार्य हुआ था

130

राजस्थान का वह प्रसिद्ध पुरास्थल जो उसी नदी के किनारे स्थित था, जिसके किनारे प्राचीन काल में ऋग्वेद की रचना हुई थी

131

राजस्थान की वह नदियाँ जो प्रस्तर युगीन मानव के निवास से संबंध रखती हैं

132

राजस्थान की सर्वाधिक प्राचीन सभ्यता के चिह्न मिले हैं

133

राजस्थान के बागोर, तिलवाड़ा, भरनी और भैंससरोड़गढ़ व नवाघाट से अवशेष प्राप्त हुए हैं

134

राजस्थान में पुरापाषाण काल की हैण्डएक्स (हाथ कुठार) संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं

135

राजस्थान में विभिन्न स्थलों से प्राप्त प्रागैतिहासिक काल के शैल चित्रों में बहुलता है

136

लकड़ी को कुरेदकर नाली बनाने के लिए एकमात्र अवशेष प्राप्त हुए हैं

137

वह इतिहासवेत्ता जिसने कालीबंगा को सिन्धु घाटी साम्राज्य की तृतीय राजधानी कहा है

138

वह पुरातात्विक स्थल जहाँ से उत्खनन में प्राप्त अवशेषों में 7वीं सदी ई. पूर्व से लेकर दूसरी सदी तक की सभ्यताओं के प्रमाण प्राप्त हुए हैं

139

वह सभ्यता जिसका संबंध ईरान से माना जाता है

140

वह स्थल जिसको ‘धूलकोट’ भी कहा जाता है

141

वह स्थान जहाँ से गुप्तकालीन कला के अवशेष एवं शिवि जनपद के सिक्के मिले हैं

142

शुंगकालीन तीखे किनारे वाले प्याले प्राप्त किये गये

143

सलेटी रंग की चित्रित मृद्भाण्ड सभ्यता से राजस्थान के संबंधित स्थल हैं

144

सात अग्निवेदिकाएँ प्राप्त हुई हैं

145

सौंथी स्थल जो पुरातात्विक महत्व रखता है, स्थित है

146

‘मुण्डियार री ख्यात’ का विषय है

147

प्राप्त अवशेषों के आधार पर राजस्थान का वह पुरातात्विक स्थल जहाँ पर लोहे के उपकरण बनाने का एक बड़ा केन्द्र होने का अनुमान लगाया गया है

148

बागोर उत्खनन में प्राप्त हुए हैं

149

बागोर के द्वितीय चरण के उत्खनन में प्राप्त हुई

150

लौह धातु का निष्कर्षण करने वाली भट्टियाँ प्राप्त हुई हैं