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राजस्थान का इतिहास

कछवाहों का इतिहास

209 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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126

सवाई रामसिंह द्वितीय के समय प्रशासन संचालन के लिए गठित रीजेन्सी का प्रथम अध्यक्ष बनाया गया

127

हवामहल में खिड़कियों की संख्या है

128

‘बिहारी सतसई’ नामक ग्रन्थ का रचयिता ‘बिहारी’ दरबारी था

129

1747 दोनों पुत्रों ईश्वरी सिंह व माधोसिंह के मध्य लड़ा गया युद्ध था

130

1748 अब्दाली की फौज को पराजित किया था

131

1787 और सवाई प्रतापसिंह के मध्य हुए युद्ध का प्रमुख कारण था

132

अंग्रेजोें ने ‘जंग बहादुर’ की उपाधि प्रदान की थी

133

अश्वमेध यज्ञ का आयोजन किया

134

आमेर का राजा जो सर्वाधिक समय तक मुगल सेवा में रहा

135

आमेर के राजा मानसिंह का राज्याभिषेक जनवरी, ई.

136

आमेर दुर्ग में शिला देवी का मंदिर बनवाया था

137

आमेर दुर्ग में ‘जगतशिरोमणी मंदिर’ का निर्माण करवाया था

138

कछवाहा वंश का आदि पुरुष माना जाता है

139

कछवाहों की प्राचीनतम राजधानी माना जाता है

140

काबुल के शासक मिर्जा हकीम खाँ को पराजित किया था

141

जजिया के बदले भोमट परगना मुगलों को नहीं दिया

142

जयपुर की तमाशा लोक नाट्य शैली का प्रादुर्भाव हुआ

143

जयपुर के उत्तराधिकार संघर्ष में पहला युद्ध था

144

जयपुर के बदनाम शासक के नाम से जाना जाता है

145

जयपुर के शासकों का शाही शमशान घाट कहलाता है

146

जयपुर में हुनरी मदरसा की स्थापना का श्रेय दिया जाता है

147

जयपुर रियासत में डाक टिकट व पोस्ट कार्ड की शुरूआत हुई थी

148

नाहरगढ़ दुर्ग में नौ पासवानों के नाम से एक ही आकार-प्रकार के नौ सुन्दर महल बनाने वाला कछवाहा शासक था

149

बिशनसिंह की मृत्यु के उपरान्त आमेर का शासक बना

150

भगवन्त दास की मृत्यु हुई