राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजागरण (प्रजामण्डल, किसान एवं जनजातीय आंदोलन)
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126
वह समाचार पत्र जिसने विधवाओं के पुनर्विवाह के लिए नि:शुल्क विज्ञान प्रकाशित किए
उत्तर
नव राजस्थान
127
शुभालाल गुप्ता द्वारा हरिजनों एवं भीलों के विकास हेतु एक आश्रम की स्थापना की गई
उत्तर
सागवाड़ा में
128
श्री श्यामलाल वर्मा द्वारा सितंबर, में प्रारम्भ किया गया
उत्तर
1942
129
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जोधपुर में छगनराज चौपासनीवाला ने राष्ट्रीय झण्डा फहराया
उत्तर
26-1-1932 को
130
स्वतंत्रता संग्राम के भामाशाह कहे जाने वाले दामोदर दास राठी का जन्म स्थल है
उत्तर
पोकरण
131
हरविलास शारदा का संबंध रहा है
उत्तर
चित्तौड़गढ़ जिले से
132
‘जयपुर जयपुरियों के लिए’ उद्घोष वाला समाचार पत्र था
उत्तर
राजस्थान टाइम्स
133
‘जागो रे करसाण भायो’ नामक गीत के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ किसानों में जनजागृति पैदा करने वाले स्वतंत्रता सेनानी थे
उत्तर
नवनीत दास वैष्णव
134
‘परम्परा’ पत्रिका प्रकाशित होती है
उत्तर
जोधपुर से
135
‘प्रत्यक्ष जीवन शास्त्र’ के रचयिता थे
उत्तर
हीरालाल शास्त्री
136
‘लोक शिक्षक’ पाक्षिक पत्र का शुभारम्भ किया था
उत्तर
जुगलकिशोर चतुर्वेदी ने
137
‘वरदा’ पत्रिका प्रकाशित होती है
उत्तर
बिसाऊ से
138
10 1888 सम्मेलन आयोजित किया गया
उत्तर
अजमेर में
139
1918 के सम्मुख रखने के लिए स्थापना की गई
उत्तर
प्रजा प्रतिनिधि सभा की
140
अंग्रेज अधिकारी कप्तान ब्लैक की हत्या हुई
उत्तर
जयपुर रियासत में
141
आदिवासियों को शिक्षा देने हेतु खांडलाई आश्रम की स्थापना हुई
उत्तर
सागवाड़ा (डूँगरपुर) में
142
कुचलवा कर मार दिया गया
उत्तर
भरतपुर रियासत के भुसावर में
143
खेतड़ी के शासक, जिन्होंने नरेन्द्रनाथ को विवेकानंद का नाम दिया तथा इनके विश्व धर्म सम्मेलन (1893, शिकागो) में भाग लेने का प्रबंध किया, वे शासक थे
उत्तर
अजीत सिंह
144
घनश्यामदास बिड़ला का जन्म हुआ
उत्तर
पिलानी में
145
जयपुर प्रजामंडल के संस्थापक कर्पूरचंद पाटनी थे, इसका पुनर्गठन ई. में हुआ
उत्तर
1938 जमनालाल बजाज व हीरालाल शास्त्री के नेतृत्व में में ‘‘राजाओं अंग्रेजों का साथ छोड़ो’’ का नारा दिया
146
डूंगरपुर के स्वतंत्रता सेनानी जिन्हें शेर-ए-कटारा के नाम से जाना जाता है
उत्तर
देवराम शर्मा
147
पाल छितरिया काण्ड हुआ
उत्तर
सिरोही जिले में
148
प्रजामण्डल आंदोलन के दौरान जोधपुर जेल में अव्यवस्था व अन्याय के विरुद्ध भूख हड़ताल करने के कारा स्वास्थ्य खराब हो जाने से स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुन्द बिस्सा की मृत्यु हुई
उत्तर
जून, ई. को 19 1942
149
बरड़ (बूंदी) आन्दोलन में सर्वाधिक योगदान रहा था
उत्तर
गुर्जर जाति का
150
मद्य निषेध के लिए राजस्थान में सर्वाधिक प्रयास किया गया