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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख रीति-रिवाज, प्रथाएँ, परम्पराएँ, वेशभूषा, आभूषण एवं शब्दावली

788 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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126

होली के दूसरे दिन को कहते हैं

127

अचकन से पर्याय है

128

कचहरी में जहाँ मुकदमों की पुरानी फाइलें रहती हैं, उस स्थान को कहते हैं

129

कन्या का संबंध करते समय वर पक्ष की ओर से कन्या पक्ष को दिया जाने वाला धन कहलाता है

130

कहलाता है

131

खरीदी जाने वाली जमीन, वस्तु आदि की कीमत का वह अंश जो सौदा तय हो जाने पर अग्रिम दिया जाता है, उसे कहते हैं

132

गाँव की गायें जंगल में ले जाकर चराने वाला ग्वाला कहलाता है

133

गोष्ठी की तरह किया जाने वाला फसल की कटाई का कार्य कहलाता है

134

घी तपाने का व साग तरकारी आदि बनाने का छोटा मिट्टी का पात्र है

135

घोड़ों का एक रोग और एक प्रकार का सूत का धागा है

136

चरखे का एक उपकरण है

137

चूना या सीमेंट जमाने का काष्ठ का उपकरण है

138

जागीरदारों से लिया जाने वाला एक सैनिक कर था

139

तेल औटाने का तेलियों का पात्र है

140

तोरण पर सास द्वारा दूल्हे को आँचल से बाँधने की एक रस्म है

141

पाणिग्रहण के पूर्व बारात को दिया जाने वाला भोज है

142

पाणिग्रहण संस्कारोपरांत दूल्हे का संबंधियों के यहाँ प्रमाण्ण करने जाने की प्रथा कहलाती है

143

पारिश्रमिक के रूप में दी जाने वाली दैनिक सूखी सामग्री है

144

बुवाई के बाद शीघ्र वर्षा होने से बनने वाली फसल की पोची (कमजोर) स्थिति कहलाती है

145

मजदूर का एक दिन का श्रम है

146

मिट्टी के बर्तन में वृद्धि के लिए लगाई जाने वाली मिट्टी है

147

मृत व्यक्ति के पीछे गाया जाने वाला शोक सूचक लोकगीत है

148

मृतक के बेटा, भाई या भतीजे द्वारा मृतक को अग्नि देने की रस्म है

149

मेवाड़ रियासत में प्रचलित एक सिक्का है

150

मोठड़ा वेशभूषा आता है