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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : कलाएँ, चित्रकलाएँ एवं हस्तशिल्प

196 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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जोधपुर शैली, बीकानेर शैली, किशनगढ़ शैली, अजमेर शैली व नागौर उपशैली सम्बन्धित हैं

127

डालू नामक चित्रकार संबंधित है

128

थेवा कला का केन्द्र है

129

देवगढ़ चित्रकला शैली को प्रकाशमान किया

130

देश की प्रथम पड़ चितेरी महिला हैं

131

नारायणदास, अमरदास, शिवदास व रतनजी भाटी संबंधित हैं

132

पशु-पक्षी, फल-फूल-वृक्ष आदि का चित्रण प्रधानत: अधिक व विश्वसनीय हुआ

133

पिछवाई कलाकृतियों में बने चित्र उद्धृत किये गये हैं

134

पिछवाईयों का संबंध है

135

बूँदी चित्र शैली का सर्वाधिक विकास हुआ

136

भाटी अमरदास (1800-1830 ई.), दाना भाटी ई.),

137

भित्तियों (दीवारों) पर चित्रण को चिरकाल तक जीवित रखने की विशेष आलेखन पद्धति है

138

महिला चित्रकार ‘साहिबा’ चित्रकार हैं

139

मेवाड़ एवं ब्रज की सांस्कृतिक परम्पराओं के समन्वय से विकास हुआ

140

योगासन प्रमुख विषय रहा है

141

राजपूत चित्र शैली जिसमें रानियों को भी शिकार करते चित्रित किया गया है

142

राजस्थान का वह क्षेत्र जो ‘राजस्थानी चित्रकला शैली’ का प्रमुख केन्द्र रहा है

143

राजस्थान का वह जिला जिसमें कल्चर्ड मोती का उत्पादन किया जा रहा है

144

राजस्थान की ‘बहरूपिया कला’ को विदेशों में प्रदर्शित किया

145

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में घर की छोटी-मोटी चीजों को सुरक्षित रखने हेतु बनाई गई मिट्टी की महलनुमा चित्रित आकृति कहलाती है

146

राजस्थान में सर्वाधिक प्राचीन उपलब्ध चित्रित ग्रंथ मिले हैं

147

राजस्थानी लोक चित्र शैली में ‘पाने’ कहते हैं

148

राठौड़ राजपूत शाखा के आश्रय से पल्लवन हुआ

149

राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली में सुरक्षित ‘रसिक प्रिया’ का अधूरा सैट सम्बन्धित है

150

वह चित्र शैली जिसमें पीला रंग प्रधान रहा