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राजस्थान का भूगोल एवं अर्थव्यवस्था

प्राकृतिक वनस्पति, वन्य जीव एवं जैव विविधता

204 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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126

वह वृक्ष जिसकी पत्तियों का उपयोग ‘बीड़ी’ निर्माण में होता है

127

विश्व का एकमात्र वृक्ष मेला लगता है

128

संकटग्रस्त पादपों के नाम सूचीबद्ध किए जाते हैं

129

सर्वाधिक संख्या में पाए जाने वाले वृक्ष हैं

130

सागवान रोपण हेतु सबसे उपयुक्त जिले हैं

131

सीतामाता अभयारण्य की स्थापना हुई थी

132

हाड़ौती अंचल (सोरसन क्षेत्र) में गोड़ावण का प्रचलित स्थानीय नाम है

133

हिमपक्षियों का शीत बसेरा कहा जाता है

134

‘नगर वन उद्यान’ योजना लागू की गई है

135

‘हरित राजस्थान’ कार्यक्रम का संबंध है

136

अकेशिया केटेच्यू वन कहते हैं

137

आडू वृक्ष की लकड़ी काम आती है

138

आदिवासियों के ‘हरे सोने’ के नाम से विख्यात वृक्ष है

139

आम जन में वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ाने की दृष्टि से प्रत्येक जिले के लिए उस जिले में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण वन्य जीव को शुभंकर बनाने हेतु आदेश जारी किया गया है

140

गोडावण के संरक्षण हेतु गोडावण हैचिंग सेंटर की स्थापना से संबंधित है

141

चिंकारा पशु सामान्यत: पाया जाता है

142

तारापुर, अलवर में प्रथम रिपोर्टेड जीव है

143

देश की प्रथम खजूर पौध प्रयोगशाला का निर्माण किया गया है

144

देश की सबसे कम क्षेत्रफल की बाघ परियोजना जिसमें बाघ बघेरे, नीलगाय, चीतल, रीछ, जरख व चिंकारा आदि पाये जाते हैं

145

देश के सर्वश्रेष्ठ लेपर्ड पार्क का संबंध है

146

नीमड़ी माता पार्क स्थित है

147

नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम की स्थापना की गई है

148

पतझड़ वनों की वनस्पति प्रजाति नहीं है

149

प्रकृति पर मिलने वाले सभी प्रकार के प्राणियों और पेड़-पौधों का संबंध है

150

प्रथम व्यक्ति जिसे ‘वन्य जीव संरक्षण एवं सुरक्षा’ हेतु अमृता देवी विश्नोई स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया