राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन एवं जनजागरण (प्रजामण्डल, किसान एवं जनजातीय आंदोलन)
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151
महाराणा प्रताप की स्मृति में ई. में उदयपुर में प्रताप सभा
उत्तर
1915
152
मारवाड़ क्रांति संघ की स्थापना की गई
उत्तर
श्री लालचंद जैन द्वारा
153
मारवाड़ में सबसे पहले खुलने वाला छापाखाना था
उत्तर
मारवाड़ स्टेट प्रेस
154
राजपूताना का वह राजघराना जिसने प्रजामण्डल को संरक्षण दे रखा था
उत्तर
झालावाड़
155
राजपूताना मध्य भारत सभा का प्रधान मुख्यालय स्थापित किया गया था
उत्तर
कानुपर में
156
राजस्थान में सशस्त्र हिंसक क्रान्ति की नींव डालने वाला स्वतंत्रता सेनानी था
उत्तर
गोपालसिंह खरवा नवंबर को मारवाड़ राज्य की सेना द्वारा महाराजा के
157
रियासती काल में शेखावटी क्षेत्र में फसल के पकने से पहले पेशगी के रूप में किसानों से जो कर वसूल किया जाता था उसे कहते थे
उत्तर
हरी का लाग
158
वह रियासत जहाँ पानी कर (आबियाना) के कारणा आंदोलन किया गया
उत्तर
बीकानेर में
159
वह स्वतंत्रता सेनानी जिसकी हत्या के लिए यह कहा गया कि यह भाटी शासकों और अंग्रेजी शासकों के कफन की आखिरी कील साबित हुई
उत्तर
सागरमल गोपा मार्च, को वॉल्टर हितकारिणी सभा का प्रथम
160
विजयसिंह पथिक ने में ऊपरमाल पंच बोर्ड नामक
उत्तर
1917
161
संगठन की स्थापना की जहाँ से आन्दोलन का संचालन किया
उत्तर
मेवाड़ (उदयपुर) में
162
स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान के चीफ कमिश्नर द्वारा प्रशासित प्रदेश था
उत्तर
अजमेर-मेरवाड़ा
163
हरिभाऊ उपाध्याय द्वारा सस्ता साहित्य मंडल, गांधी आरण्य व महिला शिक्षा सदन की स्थापना की गई थी
उत्तर
हटूंडी में
164
‘‘दाधीचि जैसा त्याग और दृढ़ता लेकर ही जन्मे थे और उसी दृढ़ता से उन्होंने मृत्यु को गले लगाया’’ अर्जुनलाल सेठी की मृत्यु के अवसर पर यह कहा था
उत्तर
पं. सुंदरलाल ने
165
‘‘बीकानेर राज्य में साम्प्रदायिक सद्भाव श्रेष्ठतम स्तर पर है और राज्य का शासन प्रबंध बहुत अच्छा है, अत: मेरी इच्छा होती है कि मैं बीकानेर में जाकर रहूँ’’ यह कथन है
उत्तर
महात्मा गाँधी का
166
1872-73 में सोदलपुर के भील मुखिया जिसने बाँसवाड़ा के महारावल के विरुद्ध बगावत की थी
उत्तर
दल्ला ने
167
अर्जुन लाल सेठी, केसरीसिंह बारहठ, विजयसिंह पथिक और जनमा लाल बजाज की भूमिका रही
उत्तर
राजस्थान सेवा संघ की स्थापना में
168
आदिवासी लोगों में जागृति पैदा करने वाले गोविन्द गुरु संबंधित हैं
उत्तर
डूँगरपुर से
169
गरासिया भीलों का मुख्यिा था
उत्तर
दौलतसिंह
170
गरासिया भीलों द्वारा उदयपुर व अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया गया था