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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान के प्रमुख रीति-रिवाज, प्रथाएँ, परम्पराएँ, वेशभूषा, आभूषण एवं शब्दावली

788 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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151

युद्ध के समय किले का मुख्य द्वार खोलकर सर्वप्रथम युद्ध करने वाला चारण वीर कहलाता है

152

युद्ध में जाते समय योद्धाओं द्वारा विशेष पगड़ी पहनी जाती थी

153

रजाई आदि में सिलााई के साथ निकाली गई अन्य कपड़े की किनारी है

154

लकड़ी का वह उपकरण, जिस पर हल रखकर खींचा जाता है, कहलाता है

155

लम्बी टूँटी वाला एक जलपात्र विशेष है

156

लावणी, मोरियो, लूर, वायरियौ, हिंडौलौ आदि का संबंध है

157

वर्षभर की बेगार के बदले फसल पर दिया जाने वाला अनाज कहलाता है

158

वह पत्र जिसके द्वारा किसी व्यक्ति को अदालती कार्यवाही करने का अधिकार मिला हो, से आशय है

159

वह पवित्र वस्त्र, जिसे बिछाकर नमाज पढ़ी जाती है, उसे कहते हैं

160

वह प्रथा जिसमें मृतक को दाग देने के बाद लोग नहाते हैं और जाजम बिछाकर दिन तक बैठते हैं

161

विवाह आदि मांगलिक अवसरों पर नेग लेने वाली जातियों का समूह कहलाता है

162

विवाह में वधू का हाथ वर के हाथ में पकड़ाने की रस्म, पाणिग्रहण संस्कार और एक लोकगीत है

163

व्यायाम के लिए एक हाथ से उठाया जाने वाला बेलनाकार पत्थर/लकड़ी का लट्ठा है

164

शरीर की चमड़ी में होने वाला बड़ा काला दाग है

165

सिल पर कोई चीज पीसने की क्रिया है

166

सूती ताने पर बादले (शुद्ध चाँदी अथवा सोने का तार) के बाने में बुना जाने वाला कपड़ा कहलाता है

167

सूम से आशय है

168

हॉकी की तरह एक देशी खेल है

169

अशक्त, वृद्ध पशुओं को रखने का स्थान है

170

आटे को छानने पर निकलने वाला भूसा (छिलके) को कहते हैं

171

आदिवासियों में कटकी वस्त्र पहनती हैं

172

आभूषणों पर खुदाई का एक उपकरण है

173

कंजर महिलाओं द्वारा कमर में पहने जाने वाला वस्त्र कहलाता है

174

किले के द्वार पर रहने वाली एक तोप विशेष है

175

केरीभाँत की ओढ़नी लोकप्रिय है