← सभी विषय और टॉपिक

राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : कलाएँ, चित्रकलाएँ एवं हस्तशिल्प

196 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

पेज 7 / 8
151

वह चित्र शैली जिसमें भित्ति चित्रण बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं है

152

वह चित्र शैली जिसमें वल्लभीय अद्बैतवाद की चरम अभिव्यक्ति है

153

वह लोककला जो राजस्थान से सम्बन्धित है

154

वह शासक जिसके काल में कोटा चित्रकला शैली ने अपना चरमोत्कर्ष प्राप्त किया

155

वह स्थान जो अपने मृदा शिल्प के लिए विख्यात है

156

सवाई जयसिंह का दरबारी चित्रकार था

157

सिरोही शैली की लोक कलात्मक निजी धरोहर है

158

हुक्का पीती स्त्री का चित्र (1816), दशहरा दरबार (1800), दव्याश्रण्य महाकाव्य इत्यादि प्रमुख चित्र हैं

159

‘चन्दूजी का गढ़ा तथा बोडीगामा’ स्थान विख्यात है

160

‘चाँदनी रात की संगोष्ठी’ ग्रंथ के चित्रकार हैं

161

‘बनी ठणी’ को ‘भारत की मोनालिसा’ बताया है

162

‘लाल’ और ‘साहिबराम’ नामक चित्रकार सम्बन्धित हैं

163

‘श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि’ के चित्रकार थे

164

ओढ़नी में चारों ओर कोरा पल्ला बना हो और बीच में बड़े फूल हो तो उसे कहते हैं

165

कपड़ों में सुनहरे तारों को कहते हैं

166

काष्ठ शिल्प के लिए प्रसिद्ध ‘जेठाना गाँव’ स्थित है

167

कोफ्तगिरी का उद्भव हुआ है

168

घोड़े के पार्श्व की दोनों टांगों में एक साथ बांधी जाने वाली रस्सी है

169

चढ़वा जाति के परिवार प्रसिद्ध हैं

170

जमुनादास, सालिगराम और नन्दराम चित्रकार संबंधित रहे हैं

171

पत्थरों को काट-छांटकर भवनों में उपयोग के योग्य बनाने वाला कारीगर कहलाता है

172

पत्थरों, ढालों, तलवारों, कटार आदि पर सोने-चांदी के रंगों द्वारा मांडणे बनाया जाता है

173

प्रसिद्ध चित्रकार साहिबदीन संबंधित हैं

174

पड़ कला का प्रमुख केन्द्र स्थित है

175

बातिक कला के लिए प्रसिद्ध है