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डिंगल साहित्य शैली में लिखा गया ग्रन्थ है
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निवण-निवण शिव, कूंपळ रा फूल, शेक्सपियर री वार्ता आदि रचनाओं के प्रणेता साहित्यकार हैं
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प्रसिद्ध ग्रंथ ‘हम्मीर रासो’ के रचयिता हैं
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बीकानेर के महाराजा अनूप सिंह द्वारा रचित ग्रंथ हैं
उत्तर
न्याभिषेक पद्धति, कौतुक सरोद्वार और अनूप रत्नावली
155
राजस्थान के जैसलमेर जिले की प्रचलित लोकवार्ता (प्रेमाख्यान) है
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राजस्थान के प्रसिद्ध कवि मणि मधुकर का जन्म हुआ
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राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठानन जोधपुर की स्थापना की गई
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राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी स्थित है
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राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर संस्थान द्वारा दिया जाता है
160
राजस्थानी काव्य का मात्रिक छन्द है
161
राजस्थानी ललित निबंध विधा के शुभारंभ का श्रेय प्राप्त है
उत्तर
इतिहासकार जहूर खाँ मेहर को
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राजिया के सोरठे, वेलि कृष्ण रूक्मणी री, ढोला-मरवाण और मूमल आदि लोकप्रिय काव्य हैं
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वह प्रथम अंग्रेजी इतिहासकार जिसने राजस्थान जागीरदारी (फ्यूडलिज्म) व्यवस्था पर लिखा
164
वह लोक वार्ता जिसमें ब्राह्मण वेश में अपने द्वार पर आए श्रीकृष्ण तथा अर्जुन को अपने पुत्र का शरीर आरे से चिरवाकर दान किये जाने का उल्लेख है
165
शिशुपाल वध का लेखक था
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श्यामलदास द्वारा रचित मेवाड़ का इतिहास ग्रंथ है
167
संस्कृत भाषा का शब्द है
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सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक व बीकानेर शासक रायसिंह के छोटे भाई कवि पृथ्वीराज साहित्य रचना करते हैं
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साखी का मूल रूप है
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हम्मीर महाकाव्य में चौहानों को बताया गया है
171
‘राजसथानी चारण साहित्य का ऐतिहासिक सर्वे’ व ‘पश्चिमी राजस्थान का व्याकरण’ का संबंध है
उत्तर
डॉ. एल.पी. टैस्सीटोरी से
172
‘वाकया ए राजपूताना’ ग्रंथ रचित है
उत्तर
मुंशी ज्वाला प्रसाद द्वारा
173
‘वीरमदेव पन्ना री बात’ के रचनाकार हैं
174
‘‘नैणसी री ख्यात’’ की शैली है
उत्तर
अकबरनामा ग्रंथ के सदृश
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7वीं शताब्दी मेंं प्रसिद्ध संस्कृत कवि माघ ने अपने ग्रंथ ‘शिशुपालवध’ की रचना की थी