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राजस्थान की कला एवं संस्कृति

राजस्थान : लोक देवता, लोक देवियाँ, संत एवं सम्प्रदाय

269 प्रश्न उपलब्ध हैं। उत्तर पढ़ने के लिए बटन दबाएँ।

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151

संत मावजी का संबंध है

152

संत रज्जब जी की प्रमुख गद्दी है

153

संत रैदासजी की छतरी राजस्थान में स्थित है

154

सूफी संत शेख हमीदुद्दीन की मजार है

155

स्वामी लाल गिरी द्वारा प्रवर्तित अलखिया सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ स्थित है

156

हठ योग प्रणाली का जन्मदाता माना जाता है

157

‘ईश्वर मनुष्य के सदगुण को पहचानता है तथा उसकी जाति नहीं पूछता, आगामी दुनिया में कोई जाति नहीं होगी’ यह सिद्धान्त है

158

‘राजस्थान का नृसिंह’ कहा जाता है

159

कायस्थ जाति की उपजाति जो राजस्थान की मूल निवासी है

160

किशनगढ़ के शासक सावंतसिंह सम्बन्धित थे

161

खींची राजपूत शाखा के थे

162

गरीब दासजी, संत दासजी, जगन्नाथ जी, माधोदासजी आदि संतों का संबंध माना जाता है

163

जांभोजी की प्रमुख कार्यस्थली रही

164

जीवन भर दूल्हे के वेश में रहते हुए दादू के उपदेशों का बखान करने वाले संत थे

165

दादू के शिष्यों में सबसे ऊँचा स्थान माना जाता है

166

दादू पंथ के सत्संग कहलाते हैं

167

दादू पंथ में ‘नागा साधु पंथ’ की नींव रखी

168

निम्बार्क सम्प्रदाय के अधिक निकट है

169

निरंजनी संप्रदाय की प्रमुख पीठ स्थित है

170

भक्ति आंदोलन का ‘आदि पुरुष’ कहा जाता है

171

मीराबाई का जन्म हुआ था

172

राजस्थान में कृष्ण को समर्पित वैष्णव सम्प्रदाय की ‘द्वारकाधीश’ नाम से प्रसिद्ध मुख्य पीठ स्थित है

173

राजस्थान में भक्ति आंदोलन के प्रवर्तक थे

174

राजस्थान में ‘रामानंदी संप्रदाय’ का आरम्भ किया था

175

राजस्थान राज्य में प्रचलित वह सम्प्रदाय जो सगुण एवं निर्गुण भक्ति मार्ग का मिश्रण है