पेज 8 / 21
176
अरावली पर्वत शृंखला राजस्थान को पूर्व व पश्चिम दो भागों में बांटती है, इन दोनों भागों में क्रमश: जिले हैं
177
अरावली पर्वतमालाओं की सुदूर दक्षिणी जड़ जहाँ से प्रारम्भ होती है, वह स्थान है
178
अर्द्ध चन्द्राकार बालुका स्तूप अधिकतम बनते हैं
उत्तर
पश्चिमी रेगिस्तान, उत्तरी रेगिस्तान
179
कर्नल टॉड ने अरावली की जिस चोटी को संतों का शिखर कहा है, वह है
180
क्षेत्रफल की दृष्टि से विस्तृत जिले अवस्थित हैं
उत्तर
पश्चिमी क्षेत्र में
181
जयसमंद से और आगे पूर्व में कटा-फटा टीलेनुमा व अनियमित धरातल जो पाया जाता है, उसे कहते हैं
182
जैसलमेर की टर्शरीकालीन चट्टानों में भंडार है
183
जैसलमेर जिले के अधिकांश क्षेत्र में बालुका स्तूप हैं
184
जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर व जालौर जिलों में विस्तार है
185
डूंगरपुर का अगम्य क्षेत्र है
186
त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित किला है
187
थार मरूस्थल का एकमात्र प्रवाह बेसिन स्थित है
188
दक्षिण अरावली प्रदेश में सम्मिलित जिला है
उत्तर
राजसमंद, उदयपुर एवं सिरोही
189
दक्षिणी अरावली प्रदेश की चोटियों का ऊँचाई की दृष्टि से घटता हुआ क्रम है
उत्तर
गुरु शिखर, सेर, अचलगढ़, दिलवाड़ा, आबू
190
पवन की दिशा के समकोण पर बनने वाले बालुका स्तूप को कहा जाता है
191
पश्चिमी मरुस्थल मे विद्यमान विविध धरातलीय स्वरूपों में प्रधानता है
उत्तर
ग्रेनाइटयुक्त पहाड़ियों की
192
पश्चिमी रेतीले शुष्क मैदान में (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चुरू और श्रीगंगानगर) में प्रधानता है
193
प्रबन्धन स्रोत की मौजूदगी अधिक है
194
बरखान या अर्द्धचन्द्राकार बालुका स्तूप पाए जाते हैं
उत्तर
सूरतगढ़, भालेरी एवं मेढ़ा नदी घाटी में
195
बार, परवेरिया, शिवपुर घाट, सूरा घाट व देबारी दर्रे अजमेर में स्थित हैं
196
बालुकास्तूपों पर वनस्पति आवश्यक रूप से दिखाई पड़ती है
उत्तर
रेखीय (पवनानुवर्ती)
197
बाड़मेर, जैसलमेर का चट्टानी प्रदेश कहलाता है
उत्तर
बालुका स्तूप मुक्त प्रदेश
198
भरतपुर क्षेत्र की पहाड़ियों में सबसे ऊंची चोटी है
199
मरुधर के नाम से राजस्थान का प्रसिद्ध संभाग है
200
मरुस्थलीय जिलों में जनसंख्या घनत्व लगभग है
उत्तर
व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. 100