पेज 8 / 9
176
18वीं सदी के राजपूत राजा जिनके द्वारा विधवा पुनर्विवाह हेतु नियम बनाने के प्रयत्न किये गये
177
23 1621 11 शासक बना
178
3 1748 मध्य लड़ा गया
179
6 1614 जयसिंह प्रथम (मिर्जा जयसिंह) को सर्वप्रथम ई. को
180
अकबर से करवाया था
181
अश्वमेध यज्ञ के घोड़े जिसको कुंभाणी राजपूतों ने पकड़ा था एवं जिसको युद्ध करके छुड़ाया गया
उत्तर
जयसिंह द्वितीय द्वारा
182
अहमदनगर में नियुक्त किया गया
उत्तर
मलिक अम्बर के विरुद्ध
183
आमेर शासक राजा मानसिंह के दरबार में था
184
करना पड़ा
उत्तर
सवाई जयसिंह के काल में
185
गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रधान केन्द्र है
उत्तर
गोविन्ददेवजी का मंदिर
186
जयपुर का वह शासक जिसने मराठों के आक्रमण से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी
187
जयपुर के शासक जिसने रणथंभौर दुर्ग के निकट सन् ई.
188
जयपुर के शासक सवाई जयसिंह ने मराठों की सेना को पराजित कर उन्हें नर्मदा के दक्षिण में खदेड़ दिया था
उत्तर
पिलसुद के युद्ध ई.) में (1715
189
जयपुर नरेश सवाई जयसिंह ने निर्माण करवाया था
उत्तर
जंतर-मंतर, चन्द्रमहल (सिटी पैलेस)
190
ढूँढाड़ नामक राज्य की स्थापना की गई
उत्तर
कछवाहा वंश के द्वारा
191
तुंगा का युद्ध लड़ा गया था
192
बूंदी के उत्तराधिकार के झगड़े में पड़ मराठों को राजस्थान में आमंत्रित करना सबसे बड़ी कूटनीतिक भूल थी
193
मानसिंह ने उत्तर पश्चिमी सीमा प्रान्त में मिर्जा हकीम के जिस सेनापति को परास्त किया था, उसका नाम था
194
मिर्जा राजा जयसिंह के शासनकाल के कवि थे
उत्तर
कुलपति मिश्र तथा रामकवि
195
मुगल बादशाह शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल में निरंतर मुगल दरबार में कार्य करने वाले जयपुर के शासक का नाम था
196
राजस्थान के राजप्रमुख सवाई मानसिंह द्वितीय का असली नाम था
197
राजस्थान में जयपुर राजघराने ने प्रोत्साहित किया
उत्तर
मीनाकारी को मार्च ई. को ईश्वरी सिंह और अहमद शाह अब्दाली के
198
राजस्थान से भगाया, वे जहां संगठित हुए उस स्थान का नाम है
199
राजा मानसिंह आमेर में मीनाकारी की कला को प्रारम्भ करने के लिए पांच कारीगर लाये थे
200
राजा मानसिंह के बाद आमेर की गद्दी पर बैठा
उत्तर
भाव सिंह दिसम्बर, ई. को मात्र वर्ष की आयु में आमेर का